अमित दुबे की रिपोर्ट
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रतनपुर/खैरा राजपूत क्षत्रिय समाज कल्याण समिति खैरा द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए भव्य शौर्य प्रदर्शन किया गया तथा समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप के जीवन और आदर्शों पर आधारित जयघोष के साथ हुआ। मुख्य अतिथि वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत पवार ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देना चाहिए। शिक्षा जहां ज्ञान, कौशल और सफलता का मार्ग दिखाती है, वहीं संस्कार बच्चों को जिम्मेदार, अनुशासित और बेहतर इंसान बनाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विकास सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन सत्य, सम्मान और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
इस अवसर पर बेनी सिंह बैस, प्रकाश जायसवाल, उत्तम सिंह राजपूत एवं पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत ने किया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह में शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं के सिद्धांत सिंह, अविनाश सिंह, परिधि परिहार, आनिया राजपूत एवं लोकेश सिंह तथा कक्षा 12वीं के भागवत सिंह, अर्जुन सिंह, रोशन सिंह, सुशांत सिंह एवं ओंकार सिंह को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा भारतीय सेना में चयनित अभय सिंह तथा भरतनाट्यम प्रतियोगिता में दुर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छाया राजपूत को तिलक लगाकर श्रीफल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन प्रतिभाओं की उपलब्धियां समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रहलाद सिंह, शिव ठाकुर, गोपाल सिंह, गीतेश सिंह, फूलचंद अग्रहरि, महावीर सिंह, रितिका राजपूत, पिंटू राजपूत, निरंजन सिंह, बुंदेश्वर सिंह, रघुनन्दन सिंह, हरिओम सिंह एवं शंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
समाज के पदाधिकारियों में सुदर्शन सिंह, सुमंत सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, मनमोहन सिंह, गणेश सिंह, भागवत सिंह, झामन सिंह, प्रीतम सिंह, प्रेम सोमवंशी, पवन मिरी, नितेश सिंह, माधव सिंह, रघुपाल सिंह एवं देवचरण सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।




