25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष के पक्ष में पड़े 9 मत, विपक्ष को नहीं मिला अपेक्षित समर्थन
समर्थकों में खुशी की लहर, मिठाई बांटकर और पटाखे फोड़कर मनाया जश्न
अमित दुबे की रिपोर्ट
कोटा/रतनपुर।
जनपद पंचायत कोटा की राजनीति में मंगलवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब जनपद अध्यक्ष सूरज भारद्वाज के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर सका और प्रस्ताव विफल हो गया। इसके साथ ही सूरज भारद्वाज ने अपनी अध्यक्षी की कुर्सी बरकरार रखने में सफलता प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। मतदान के दौरान अध्यक्ष सूरज भारद्वाज के समर्थन में 9 मत प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी खेमे को अपेक्षित संख्या में समर्थन नहीं मिल पाया। निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा पूरा नहीं होने से प्रस्ताव स्वतः निरस्त हो गया और सूरज भारद्वाज अध्यक्ष पद पर बने रहे।
अविश्वास प्रस्ताव के परिणाम सामने आते ही अध्यक्ष समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। जनपद परिसर के बाहर समर्थकों और संगठन पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। कई स्थानों पर पटाखे फोड़कर जीत का जश्न मनाया गया। समर्थकों ने इसे विकास कार्यों और संगठन की एकजुटता की जीत बताते हुए अध्यक्ष के नेतृत्व पर भरोसा जताया।
इस अवसर पर सूरज भारद्वाज ने कहा कि जनपद के सदस्यों द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के विकास, जनहित के कार्यों और पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए पहले की तरह समर्पित भाव से कार्य करते रहेंगे। उन्होंने सभी सदस्यों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विकास कार्यों में सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव के विफल होने से जनपद पंचायत की राजनीति में अध्यक्ष सूरज भारद्वाज की स्थिति और मजबूत हुई है। आने वाले समय में इसका प्रभाव स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।
परिणाम घोषित होने के बाद जनपद पंचायत परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर राजनीतिक चर्चाओं का दौर चलता रहा। समर्थकों ने इसे नेतृत्व पर विश्वास की जीत बताया, जबकि विपक्षी खेमे ने भविष्य में संगठनात्मक रणनीति को और मजबूत करने की बात कही।
जनपद पंचायत कोटा में अविश्वास प्रस्ताव के विफल होने के साथ ही अध्यक्ष सूरज भारद्वाज ने अपनी कुर्सी बचा ली है और अब उनकी नजर क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने पर रहेगी।




