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बुलंद टाइम्स न्यूज, गंडई, पंडरिया। छत्तीसगढ़ में हाल ही में शुरू हुई सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सरकार द्वारा किए गए नियमों में बदलाव को लेकर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। रणजीत सिंह चंदेल (पूर्व अध्यक्ष – ब्लॉक सरपंच संघ छुईखदान एवं उपाध्यक्ष – प्रदेश किसान कांग्रेस, छत्तीसगढ़) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई है और सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
2019 व 2023 की व्यवस्था खत्म करने से 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी रेस से बाहर
रणजीत सिंह चंदेल ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2019 और 2023 की शिक्षक भर्तियों में परीक्षा परिणाम जारी होने की तिथि को पात्रता की कट-ऑफ/डेडलाइन माना गया था। परंतु इस बार सरकार ने आवेदन की अंतिम तिथि (21 अगस्त) तक डीएलएड के साथ सीजीटेट या सीटेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया है।
चंदेल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा…
“6 सितंबर को सीटेट (CTET) की परीक्षा आयोजित होनी है। राज्य के हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यदि वे इस परीक्षा को पास भी कर लेते हैं, तब भी नए नियम के कारण वे इस भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह बेदखल हो जाएंगे। यह प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के सपनों पर पानी फेरने जैसा है।”
भर्ती के नियमों में दो बड़े बदलावों पर उठाये सवाल…
किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने भर्ती नियमों में किए गए अन्य बदलावों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया
बीएड अभ्यर्थियों को अमान्य करना: पिछली भर्तियों में सहायक शिक्षक पद के लिए डीएलएड के साथ बीएड मान्य था, जिसे इस बार अमान्य कर दिया गया है।
वैधता अवधि घटाना: चयन व प्रतीक्षा सूची की वैधता अवधि को पहले की तरह 1 वर्ष से घटाकर क्रमश: 6 माह और 9 माह कर दिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में भारी अनिश्चितता का माहौल है।
पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग…
रणजीत सिंह चंदेल ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि युवाओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019 और 2023 की भांति रिजल्ट जारी होने की तिथि को ही पात्रता की अंतिम कट-ऑफ माना जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन विसंगतियों को जल्द दूर नहीं किया और पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की, तो युवाओं और किसान कांग्रेस द्वारा इसके विरोध में एक मंच पर साथ आकर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।




