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नक्सलवाद का खात्मा के बाद अंदरूनी दुर्गम इलाके के गांवों में भी जगी विकास की नई आश
बुलंद टाइम्स न्यूज, गरियाबंद। नक्सलवाद के खात्में के बाद गरियाबंद जिले के कलेक्टर भगवान सिंह उईके, पुलिस अधिक्षक देवव्रत सिरमोर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चन्द्राकर सहित आला अफसर अब लगातार दूरस्त वनांचल के ग्रामों में पहुंच रहे है जिसके चलते विकास की नई उम्मीद ग्रामीणों जगी है गरियाबंद जिले के विकासखण्ड मैनपुर के वनांचल ग्राम पिछले 20-22 वर्षो से नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण अधिकांश ग्रामों में अब तक विकास की किरण नही पहुंच पाई है नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विकास कार्य बाधित रहे 31 मार्च को छत्तीसगढ़ सहित गरियाबंद जिला नक्सल मुक्त होने के बाद जिन ग्रामों में राज्य निर्माण के बाद से अब तक कोई आला अधिकारी नही पहुंच पाए थे ऐसे ग्रामों में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओं एवं अन्य अफसर लगातार साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे है इस दौरान सड़क बिजली पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास तथा अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और तो और इन ग्रामों में पहुंचने के लिए पक्की सड़क, मोबाईल नेटवर्क, पेयजल व बुनियादी सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार किया जा रहा है और कई ग्रामों में बकायदा विकास कार्य प्रारंभ भी हो गया है बारिश के चलते ग्रामीण इलाको में सड़क नही होने के कारण बरसात के बाद इन ग्रामों में अब वर्षो बाद विकास की रौशनी पहुंचेगी। जिला प्रशासन का उदेश्य है कि वनांचल के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाए पहुंचे लोगो का जीवन स्तर बेहतर हो तथा विकास की मुख्यधारा से कोई भी गांव वंचित न रहे। अफसरो के नियमित दौरे और गांव-गांव शिविर लगाकर चौपाल के माध्यम से लोगो की समस्याओं को सुनने से ग्रामीणों में विश्वास का वातावरण मजबूत हो रहा है।

राज्य निर्माण के बाद पहलीबार कलेक्टर उईके साहेबिनकछार पहुचें – मैनपुर क्षेत्र के टाईगर रिजर्व के भीतर बसे ग्राम नागेश, साहेबिनकछार , गोना में राज्य निर्माण के बाद से लेकर अब तक जिले के अफसर नही पहुंचे थे लेकिन इस वर्ष सुशासन तिहार के माध्यम से ग्राम गोना एवं साहेबिनकछार में सुशासन शिविर का आयोजन कर गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके एवं पुलिस अधीक्षक देवब्रत सिरमोर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चन्द्राकर एवं जिले के अफसरो की टीम पहुंचकर गांव में ग्रामीणों की समस्या सुना इस दौरान राज्य निर्माण के बांद पहलीबार कलेक्टर एवं जिले के अफसरो को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीयता से स्वागत किया और क्षेत्र के मूलभुत समस्याओं से अवगत कराया इन ग्रामों में समस्या के समाधान के अलावा सड़क पुल पुलिया, स्कूल स्वाथ्य शिक्षा उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना बनाकर भेजा गया है और आने वाले दिनो में इसके सुखद परिणाम भी देखने को मिलेगें कई कार्यो की स्वीकृति मिल चुकी है और कई कार्यो में जो पर्यावरण की दृष्टी से जो समस्या आ रही है उन्हे भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
आजादी के बाद पहाड़ी गांव में पहुंचने वाला पहला जिला पंचायत सीईओ चन्द्राकर – जिले के सबसे नक्सल प्रभावित इलाका कुल्हाड़ीघाट, ताराझर, कुंरूवापानी में आजादी के 79 वर्षो बाद भी अब तक कोई जिले के अफसर नही पहुंचे थे गरियाबंद जिला पंचायत के युवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चन्द्राकर 15 जुलाई 2026 को अफसरो की टीम के साथ कुरूवापानी , ताराझर पहुंचकर इन पहाड़ी गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओ को सुना और इन ग्रामों में विकास कार्यो के लिए कार्य योजना तैयार किया जा रहा है।
बहरहाल अब यह क्षेत्र से नक्सलवाद के खात्में के बाद जिले के अफसर लगातार वनांचल और बिहड़ ग्रामों में पहुंच रहे है तथा ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुन रहे है और समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है जिससे लोगो में विकास की उम्मीद बंधी है।




