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26 नामजद फरार नक्सली से एनआईए ने कब पूछताछ किया – कांग्रेस
कांग्रेस सरकार मे छत्तीसगढ़ पुलिस की गठित एसआईटी जाँच के खिलाफ एनआईए और भाजपा के नेता प्रतिपक्ष ने स्टे क्यों लाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी के पक्ष मे फैसला दिया तो सांय सरकार ने जाँच को आगे क्यों नहीं बढ़ाया।
बुलंद टाइम्स न्यूज, नारायणपुर। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा मे नक्सली हमले की 13 साल बाद आये न्याय से पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है इस न्याय पर जिला कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन मे प्रेस कॉन्फ्रेंस मे कहा की कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा मे नरसंहार हमले की षड्यंत्र की जाँच एनआईए ने नहीं किया और इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ है इसे छुपाने का काम किया है आज पूरा प्रदेश जानना चाहता है की हमले की पीछे किसका हाथ है! प्रदेश कांग्रेस सचिव देवनाथ उसेंडी ने प्रेस वार्ता कर कहा की झीरम घाटी हमले मे कांग्रेस के प्रथम पक्ति के नेताओं सहित कुल 32 नेताओं सहित पुलिस कर्मी की हत्या हुई थी, एनआईए की जाँच शुरू से ही संदेह था और आज जाँच आने के बाद साबित भी हो गया, जिन 10 नक्सलीयों को एनआईएने गिरफ्तार किया है दोषी पाया है वे सभी छोटे नक्सली है जबकि इतने बड़े हमले मे बड़े नक्सलीयों का ना होना सम्भव नहीं है! कांग्रेस का सवाल है की परिवर्तन यात्रा की रुट को किसके कहने पर बदला गया और मार्ग से सुरक्षा क्यों हटा दिया गया, हमले की योजना किसने बनाया, बड़े बड़े नक्सली नेता आज जेल मे है, घायल प्रत्यक्षदर्शीयो मे कितने घायलों से एनआईए पूछताछ की है, इस नरसंहार मे शहीदो के पर्श, मोबाईल महत्वपूर्ण दस्तावेजो जप्त क्यों नहीं किया, एनआईए ने छत्तीसगढ़ पुलिस गठित एसआईटी की जाँच को क्यों रोका, तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी एडीजी नक्सल से कब पूछताछ किया,! शुरुआत मे एनआईए की एफआईआर मे दो बड़े नक्सली के प्रमुख नाम थे! गड़पती, और रामन्ना सहित बड़े छोटे 26 नक्सली का नामजद घोषित किया था उसमे बसव राजू, गणेश उइके, रुपेश उर्फ़ संजीव, सुरेन्द्र उर्फ़ रामचंद्र रेड्डी, जयदेव उर्फ़ बड्डा देव, सोनू उर्फ़ भूपति के नाम था! इनमे से अनेको ने आत्मासमर्पण किया है एनआईए ने इनसे कब पूछताछ किया या एनआईए इन्हे निर्दोष मानती है! आगे वक्तओ ने कहा की झीरम नक्सली हमला मे भाजपा सरकार शुरु से संदिग्ध रही है भाजपा इस जाँच को रोकने और दिशा भटकाने का हरसंभव प्रयास किया है, भाजपा के वरिष्ठ एवं पूर्व नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक न्यायिक जाँच आयोग के खिलाफ स्टे लेकर आये थे वही कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ पुलिस की एसआईटी का गठन किया था तो एनआईए ने स्टे लेकर आ गया था, सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस की एसआईटी को जाँच के पक्ष मे फैसला दिया तो वर्तमान की सांय सरकार ने जाँच शुरू क्यों नहीं किया! इससे साफ साबित होता है की भाजपा सरकार सच सामना नहीं लाना चाहती और एनआईए की जाँच और कार्य प्राणली से भी यही साबित होता है।
प्रेस वार्ता मे शहर कांग्रेस अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पण्डी वड्डे, संगठन प्रभारी संजय राय, महासचिव शहर कांग्रेस प्रभारी रवि देवांगन, कोषाध्यक्ष वीपी शुक्ला, जिला महासचिव एवं प्रवक्ता अमित भद्र, नगर पालिका पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल, एवं अन्य कांग्रेस पदाधिकारी सदस्य उपस्थित थे।




