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बुलंद टाइम्स न्यूज/अनीष मिश्रा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल एवं घोषणा के बाद राजधानी रायपुर में संबल केंद्र अंतर्गत संचालित ‘दिव्यांग गैरेज’ दिव्यांगजनों के लिए सहारा बनकर उभर रहा है। यहां दिव्यांगजनों को उनके सहायक उपकरण एवं वाहनों की निःशुल्क मरम्मत सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
चंगोराभाठा स्थित मनजीत ग्रीन सोसायटी निवासी सुश्री स्मिता जोशी पेशे से शिक्षिका हैं और डंगनिया स्थित सावित्रीबाई फुले विद्यालय में अध्यापन कार्य करती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा कुछ वर्ष पूर्व उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल प्रदान की गई थी। इससे पहले उनके भाई उन्हें विद्यालय लाने-ले जाने में सहयोग करते थे।
मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल ने बदली जिंदगी
सुश्री स्मिता जोशी पिछले 18 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल मिलने से पहले उन्हें रोजाना आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ट्राईसाईकिल मिलने के बाद उनके लिए विद्यालय तक पहुंचना और रोजमर्रा का सफर काफी आसान हो गया।
उन्होंने बताया कि एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें दिव्यांगजनों के लिए संचालित ‘दिव्यांग गैरेज’ की जानकारी मिली। इसके बाद वे अपनी मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल लेकर गैरेज पहुंचीं और वहां उसकी मरम्मत करवाई।
मरम्मत के साथ मिला भरोसा
सुश्री स्मिता ने बताया कि दिव्यांग गैरेज में उन्हें बेहतर सुविधा मिली। स्टाफ ने वाहन में आई समस्या के संबंध में उन्हें पूरी जानकारी दी और मरम्मत के बाद टेस्ट ड्राइव भी कराया गया। निःशुल्क मरम्मत की इस सुविधा से उन्हें काफी राहत मिली।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए इस तरह की सुविधा बेहद उपयोगी है और ‘दिव्यांग गैरेज’ भविष्य में प्रदेश के सभी जिलों में खोला जाना चाहिए, ताकि किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को अपने सहायक वाहन की मरम्मत के लिए परेशान न होना पड़े।
सुश्री स्मिता जोशी ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के लिए शुरू की गई यह सुविधा उन्हें आत्मनिर्भर बनने और बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्यों को पूरा करने में मदद कर रही है।




