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बुलंद टाइम्स न्यूज/योगेश्वर साहू
रायपुर। छत्तीसगढ़ी लोककला के भीष्म पितामह, मानस मर्मज्ञ और ‘रायपुर मा धोखा खाएव भारी’ और ‘जय गंगान बसदेवा’ जैसे कालजयी गीतों के गायक ननकी ठाकुर का गुरुवार रात निधन हो गया।
शनिवार 12 सितंबर को रायपुर में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में छत्तीसगढ़ के दिग्गज कलाकार, साहित्यकार और हजारों प्रशंसक शामिल हुए।
कौन थे ननकी ठाकुर?
तबला वादन, गायन, संगीत निर्देशन और रामायण व्याख्या में महारत। आकाशवाणी से लेकर छॉलीवुड तक, उन्होंने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उनके निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।
गरियाबंद-धमतरी अंचल के कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि – डॉ. नूतन लाल साहू, गौकरण मानिकपुरी, सेवक ठाकुर, गंगा बाई मानिकपुरी, तुलेश्वर घृतलहरे, राजकुमार यादव, प्रहलाद दास मानिकपुरी, नंदकुमार ध्रुव सहित सैकड़ों कलाकारों ने कहा – ये अपूरणीय क्षति है, छत्तीसगढ़ ने अपना अनमोल रत्न खो दिया।




