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9वें वर्ष में सादगीपूर्ण विसर्जन कर समिति ने दिया सामाजिक संदेश, दिवंगत अमन गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गणेश प्रतिमा का विसर्जन
बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
रतनपुर। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर में गणेश उत्सव के समापन अवसर पर मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति ने इस वर्ष अपने 9वें वर्ष में अनूठी और सादगीपूर्ण पहल करते हुए गणपति बप्पा का विसर्जन किया। समिति ने विसर्जन यात्रा में बड़े DJ और आधुनिक ध्वनि उपकरणों को पूरी तरह NO कहते हुए पारंपरिक मादर-मंजीरा की थाप के साथ भगवान गणेश को भावपूर्ण विदाई दी।
समिति के इस निर्णय ने न केवल धार्मिक आयोजन में सादगी और परंपरा को महत्व दिया, बल्कि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और अनावश्यक खर्च से बचने का संदेश भी समाज को दिया। विसर्जन यात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर थाप और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रतिमा को विदाई दी।
दिवंगत अमन गुप्ता को दी श्रद्धांजलि
विसर्जन के दौरान मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति ने अपने दिवंगत साथी अमन गुप्ता को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। समिति के सदस्यों ने उन्हें याद करते हुए भावपूर्ण माहौल में गणपति बप्पा से उनके परिवार के लिए सुख-शांति की कामना की। इस दौरान कई सदस्य भावुक भी नजर आए।
“विसर्जन नहीं, भगवान का आगमन विशेष होना चाहिए”
समिति का कहना है कि गणेश उत्सव का उद्देश्य केवल भव्यता और दिखावे तक सीमित नहीं होना चाहिए। भगवान गणेश का आगमन उत्साह और श्रद्धा के साथ हो, जबकि विसर्जन हिंदू रीति-रिवाजों के अनुरूप सहज, शांत और सादगीपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
समिति ने संदेश दिया कि विसर्जन के नाम पर तेज आवाज वाले DJ और अनावश्यक खर्च के बजाय पारंपरिक वाद्य यंत्रों, भक्ति और श्रद्धा को प्राथमिकता दी जा सकती है। इससे धार्मिक भावना भी बनी रहती है और पर्यावरण तथा आम नागरिकों को होने वाली ध्वनि संबंधी परेशानी से भी बचा जा सकता है।
मादर-मंजीरा की थाप पर गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे
इस बार मित्र मंडल की विसर्जन यात्रा में DJ की जगह मादर-मंजीरा की पारंपरिक धुन सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन यात्रा में सहभागिता की। सादगी के बावजूद यात्रा में उत्साह और श्रद्धा की कोई कमी नहीं रही।
मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति की इस पहल की रतनपुर में लोगों द्वारा सराहना की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी धार्मिक आयोजनों में परंपरा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का प्रयास जारी रहेगा।
मित्र मंडल का यह सादगीपूर्ण विसर्जन रतनपुर में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश देने वाली पहल के रूप में चर्चा में रहा।




