रिपोर्ट- योगेश्वर साहू
छुरा/केडीआमा (रमनपुर)। विकासखंड छुरा के केडीआमा (रमनपुर) में चल रहे दसकुंड महोत्सव 2026 एवं वन देवी यज्ञ के दूसरे दिन 12 अक्टूबर को भक्तिमय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दूसरे दिन की शुरुआत कसेसेरुडीह की रामधुनी पार्टी ने की। भगवान श्रीराम के नाम के गुणगान से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया। रामधुनी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों की प्राचीन धार्मिक परंपरा है।
इसके बाद फुलझर (घटारानी) की अनुरागधारा पंडवानी पार्टी ने शानदार प्रस्तुति दी। पंडवानी में महाभारत की कथाओं को गायन, संवाद और अभिनय के माध्यम से जीवंत किया गया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। इसी क्रम में सेमराडीह (कौंदकेरा) की जय माँ दुर्गा मानस मंडली ने रामचरितमानस पर आधारित भक्तिमय मानस गायन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।तीनों दलों की प्रस्तुतियों ने साबित किया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में आज भी पारंपरिक लोककलाओं की समृद्ध परंपरा जीवित है।

फरा-मुठिया खिलाकर मनाया जन्मदिन –
महोत्सव के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता रूपसिंग साहू का जन्मदिन भी छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार मनाया गया। इस अवसर पर उन्हें छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन फरा और मुठिया खिलाकर बधाई दी गई। इस पहल ने धार्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ी खान-पान और सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर किया।
धार्मिक आस्था और लोकसंस्कृति का संगम –
दसकुंड महोत्सव 2026 का आयोजन 11 से 19 अक्टूबर तक जामवंत दादा की तपस्थली एवं रहस्यमय गुफा, सिद्धेश्वरी वन देवी माता मंदिर, सुरंग पानी और घटारानी क्षेत्र की धार्मिक आस्था को केंद्र में रखकर किया जा रहा है।
महोत्सव के संयोजक राजकुमार यादव और आयोजक दसकुंड विकास समिति, केडीआमा का उद्देश्य क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाना, विलुप्त होती लोककलाओं का संरक्षण करना और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना है।




