रिपोर्ट – योगेश्वर साहू
पाण्डुका ( घटारानी)। पाण्डुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध घटारानी माता मंदिर परिसर में जंगली भालू का आतंक लगातार जारी है। भालू के कारण मंदिर परिसर में दुकान संचालित करने वाले छोटे व्यापारी खासे परेशान हैं। व्यापारी दहशत के माहौल में अपना व्यापार करने को मजबूर हैं।
बताया जाता है कि जंगली भालू प्रतिदिन रात्रिकालीन में मंदिर परिसर में प्रवेश कर जाता है। दुकानों में रखे प्रसाद, तेल, गुड़ एवं अन्य खाद्य सामग्री को चट कर जाता है। साथ ही दुकान में रखे फ्रिज में तोड़फोड़ कर भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
घटारानी के व्यापारी सुंदर गिरी गोस्वामी ने बताया कि बीती रात जंगली भालू ने उनकी दुकान में घुसकर फ्रिज को तोड़ दिया और अंदर रखा सारा सामान नष्ट कर दिया। दुकान चारों ओर से खुली होने के कारण भालू आसानी से अंदर घुस जाता है। भालू के डर से अब व्यापारी अपना सामान सरकारी भवनों में रखने को मजबूर हैं।
यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष भी योगेश्वर साहू, बलदव यादव और मिथलेश विश्वकर्मा की दुकानों में जंगली भालू ने घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया था। इसकी सूचना फूलझर-घटारानी के वनरक्षक राहुल श्रीवास को दी गई थी और मौके पर नुकसान का जायजा भी कराया गया था। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा आज तक किसी भी पीड़ित व्यापारी को सहायता राशि या मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है।
व्यापारियों ने वन विभाग से मांग की है कि मंदिर परिसर में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, जंगली भालू को पकड़कर घने जंगल में छोड़ा जाए और पीड़ित व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।




