उज्जैन | उज्जैन मध्यप्रदेश बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में अब बच्चों को जल्द ही 64 कला और 14 विद्याओं की शिक्षा मिलने जा रही है। बता दें कि, जहां से भगवान श्रीकृष्ण पढ़े हैं। वहीं से विद्यार्जन शुरु होने जा रहा है। सांदीपनि गुरुकुल से विद्यार्थियों को शिक्षा-दीक्षा मिलेगी। इसकी जानकारी खुद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी है।
जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भगवान श्रीकृष्ण और भगवान राम के वास से प्रेरित भूमि है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण कंस को मारने के बाद उज्जैन सांदिपनि आश्रम से शिक्षा ग्रहण करते और जीवन में श्रीकृष्ण के नाते से दुनिया में जाने जाते हैं। यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि नारायण धाम में श्रीकृष्ण की सुदामा से मित्रता हुई तथा गरीबी-अमीरी का सबसे श्रेष्ठ स्थान है।
यह चारों धाम (सांदीपनि आश्रम, नारायण धाम, अमझेरा धाम एवं जानापाव धाम) भगवान श्रीकृष्ण के उस इतिहास को जीवंत करते हैं। जिसके कारण से योगेश्वर श्रीकृष्ण की लीला दुनिया में अलग प्रकार से पहचानी जाती गई।
ट्वीट कर सीएम ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि मध्यप्रदेश भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के आशीर्वाद से धन्य भूमि है। प्रदेश में स्थित भगवान श्री कृष्ण से सम्बंधित सांदीपनि आश्रम, नारायण धाम, अमझेरा धाम एवं जानापाव धाम को राज्य सरकार द्वारा तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। आइये! जन्माष्टमी के पावन पर्व पर हम सभी मिलकर इन धामों का सुमिरन करें। सीेएम मोहन यादव के द्वारा श्रीकृष्ण पाथेय योजना बनाई गई है। जिसमें 3200 से अधिक कृष्ण मंदिरों का रखरखाव होगा।






