अभिषेक नायक की रिपोर्ट:-
छतरपुर/मध्यप्रदेश| मध्य प्रदेश के छतरपुर में पिछले दिनों कोतवाली थाने में पुलिस पर हुए पथराव के बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन कड़ी कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में भीड़ लेकर कोतवाली पहुंचने वाले शख्स के महलनुमा घर को बुलडोजर से तोड़े जाने पर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने चुप्पी साध ली है। इसे लेकर अब राजधानी भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं। विधायक मसूद ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को मामले में सामने आकर अपना एंगल रखना चाहिए।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि, पहले जब कांग्रेस नेता पर बुलडोजर की कार्रवाई हुए थी तब साथ थे, लेकिन अब जब समाज के किसी शख्स के खिलाफ सरकार द्वारा की मनमानी कार्रवाई करने पर कांग्रेस चुप क्यों है। कांग्रेस की ऐसी नीति के कारण प्रदेश में कांग्रेस की ये हालत है। घटना को लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
घर तोड़ना नाइंसाफी- कांग्रेस विधायक
विधायक आरिफ मसूद ने आगे कहा कि प्रशासन जरूरी कानूनी कार्रवाई करे, इसपर हम सरकार के साथ । लेकिन घर तोड़ना सरासर नाइंसाफी और अन्याय है। इस तरह से मकान तोड़ना पक्षपात दर्शाता है। क्योंकि मकान की सभी परमिशनें ली जा चुकी थीं। मामले पर डीजीपी मिलने का समय नहीं देते है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा।



