ब्यूरो चीफ ब्रजेश शर्मा की न्युज :-
मुगेली। मुंगेली जिला के लोहदा ग्राम मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा मे कथा व्यास पंडित मार्कण्डेय गौरहा द्वारा कहा गया कि भागवत कथा का रस वहीं पा सकता है जो रसिक होता है। जीवन में कई रसों का स्वाद मिलता है, लेकिन सबसे प्रमुख रस राधा नाम रस है। भोजन कितना भी अच्छा हो, लेकिन राधा रस के बगैर स्वादिष्ट नहीं हो सकता है। मनुष्य को सांसारिक उलझनों तथा अशांति से मुक्त कर सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं और शांति की परम अनुभूति कराते हैं।
रत्नावली ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य प्रबल होता है। अपनी सहनशक्ति को बढ़ाना चाहिए क्योंकि जरूरी नहीं एक अच्छा श्रोता होने के नाते आपको हर बार अनमोल वचन या उपदेश ही सुनने को मिलेंगे। कुछ अवसरों पर आपको कठोर वचन निंदा वह आलोचना का भी सामना करना पड़ेगा। सामने वाले व्यक्ति की पूरी बात को सुनें उसके बाद ही अपनी कोई प्रतिक्रिया दें।कभी भी किसी काम को टालना नहीं चाहिए, निश्चित समय पर अपना काम को पूरा कर लेनी चाहिए। अगर आप कोई व्यक्ति ऐसा करता हैं तो वो हमेशा सफलता को प्राप्त करता है। वहीं अगर आप हमेशा अपने कर्म से भागते रहेंगे, तो भी आप जीवन में सफलता हासिल नहीं कर पाएंगे।



