अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर | सूत्रों की माने तो विकाशखण्ड कोटा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी स्कूल में पदस्त शिक्षक की मृत्यु विगत 10 महीना पहले हुई थी ।मृत्यु उपरांत उसकी पत्नी जो रतनपुर में शिक्षिका है उसके द्वारा विगत 8 माह पूर्व विकाशखण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा कार्यालय में आवेदन देकर अपने पति के मेडिकल अवकाश सेलरी ( अर्जित अवकाश) के लिये मांग की गई थी ।परन्तु कार्यालय के अधिकारियों के द्वारा 6 माह का अर्जित अवकाश की राशि मे से एक माह की राशि का घुश के रूप में चाही गयी थी जिसपर असहाय शिक्षिका ने सहमति देते हुए|
निकालने की बात कही तब विभाग के अधिकारियों ने उसके पति के अर्जित अवकाश की राशि 67 हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से चेक बनाया गया ।लेकिन जब शिक्षका के द्वारा चेक के लिये कार्यालय पहुचने पर अधिकारी लालच में आकर पीड़ित शिक्षिका से दो माह की सेलरी एक लाख चौतीस हजार की राशि की मांग रिश्वत के रूप में की गयी ।जिसपर शिक्षिका के द्वारा विकाशखण्ड शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों के इस भारी भरकम रिश्वत की मांग को देखते हुए जिला कलेक्टर के पास शिकायत के लिये पहुच गयी जहाँ मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तुरन्त ही टीम गठित कर जांच के आदेश दे दिए ।
गठित जांच टीम की रिपोर्ट बहुत जल्द—- सूत्रों की माने तो जांच दल के द्वारा बहुत जल्द अपना रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौप सकते है ।
शिक्षा विभाग में भी हावी भ्रष्टाचार——–/ छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में जिस कदर भरस्टाचार हावी हैउससे अब यह सवाल खड़े हो रहे है कि शिक्षा के मंदिरो का उद्धार अब कैसे होगा ।
कारवाई पर सबकी नजर——- जिला कलेक्टर के द्वारा जिस कदर सख्त अधिकारियों को जांच टीम में गठन किया है उस पर सभी की नजर बनी हुई है ।
एरियस की राशि मे भी रिश्वत की मांग—— सूत्रों की माने तो इन भरस्ट अधिकारियों के द्वारा शिक्षकों को मिलने वाले एरियस की राशि 40 हजार में भी 10- 10 हजार की मांग की जा रही है।
लंबे समय से जमे रहना प्रमुख कारण-;— सूत्रों की माने तो विकाशखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अधिकारी लंबे समय से जमे हुए है ।इस वजह से इनके हौसले बुलंद हो गए है ।



