सौरभ सिंह ठाकुर की रिपोर्ट :-
धमतरी | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के अंतिम छोर बसे ग्राम मोहेरा में निरई माता का मंदिर दुर्गम पहाड़ियों में स्थित है। यह मंदिर साल में केवल एक बार चैत्र नवरात्रि में पड़ने वाले प्रथम रविवार के दिन कुछ घण्टो के लिये खुलता है|
यहा पर माता की कोई मूर्ति विराजमान नही है बल्कि माता निराकार रूप में पत्थर की गुफा में विराजित है|
मान्यता है कि माताजी में भेंट चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है। तो वही कई लोग मन्नत पूरी होने पर अपनी भेंट प्रसाद चढ़ाते है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस दिन माता का दरबार खुलता है उस दिन को माता जात्रा के नाम से जाना जाता है तथा इस दिन मन्नत पूरा होने पर लोग अपनी मन्नत के अनुसार भेंट चढ़ाते है|
जात्रा के दिन लाखो की संख्या में भक्त दर्शन करने आते है साथ ही मन्नत पूरी होने पर भेंटस्वरूप मन्नत में मांगी गयी वस्तु माता में चढ़ायी जाती है।



