अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगरी रतनपुर हजरत सैय्यद मूसा
छत्तीसगढ़ की सबसे पुरानी एक मात्र शहीद की दरगाह है, 837 वर्ष पूर्व सन 1186 ई. में हजरत सैय्यद ग्यासुद्दीन मदार (मूसा शहीद )अपने 73 साथियों के साथ रतनपुर पहुंचे थे और जंग के दौरान 68 साथियों के साथ खुद शहीद हो गए थे उनका सर मुबारक रायपुर के आगे आरंग में है उस वक्त रतनपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी थी
छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगरी
रतनपुर में हजरत सैयद मूसा शाहिद की 95 उर्स एक पाक़ सालाना पर सूफियाना रंगों और आध्यात्मिक उमंग से सरबोर रहा जूना शहर में स्थित सैय्यद मूसा शाहिद रहमतुल्ला अलेह की पवित्र मजार पर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी 95 सालाना उर्फ ए पाक 31 में 2025 दिन शनिवार को रात 10:00 बजे सुबह 4:00 बजे तक पूरे जोश और शान के साथ मनाया गया यह आयोजन धार्मिक आस्था का प्रतीक और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है
सूफियाना कव्वाली की महफिल सजी
उर्स की रात को रंगीन बनाने के लिए मुंबई से आए मशहूर इंटरनेशनल कव्वाल छोटे मजीद का शानदार प्रदर्शन रहा जिन्होंने रात भर महफिल को बांधकर रखा उनकी सुरीली, मधुर,आवाज और सूफी कव्वाली ने हर शख्स को झूमने पर मजबूर कर दिया कव्वाली के महफिल उर्स की रात को आध्यात्मिक और भावनात्मक रंगों से भर दिया जहां श्रोता सूफियाना कव्वाली की रूहानियत में डूबे रहे
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
उर्स के रात में मजार पर चादर पोसी और दुआओं का सिलसिला चलता रहा जो आध्यात्मिक शांति और भक्ति को दर्शाता है ऐसी मान्यता है कि बाबा हजरत मूसा शाह के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है
इस अवसर पर आए हुए आगंतुकों के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था भी की गई थी जो कि आपसी भाईचारे और सेवा का प्रतीक है
सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध दरगाह में माथा टेकने एवं सालाना उर्स का लुफ्त उठाने जहां सभी धर्म के लोग भारी संख्या में उपस्थित हुए वहीं इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के राजनीतिक हस्तियों ने भी शिरकत कर बाबा के दरगाह में माथा टेक कर प्रदेश की अमन चैन की दुआएं मांगी
मुख्य अतिथि माननीय लखन लाल देवांगन जी अध्यक्षता माननीय अटल श्रीवास्तव जी विधायक कोटा अति विशिष्ट अतिथि डॉ सलीम राज्य शकील अहमद, आरिफ खान, श्री विजय केसरवानी, शैलेश पांडे, पूर्व विधायक, अरुण सिंह चौहान,
विशिष्ट अतिथि
आलोक सिंन्हारे, मकबूल अली, लव कुश कश्यप, दुर्गा कश्यप, त्रिलोक श्रीवास्तव, जवाहर सराफ, हाजी आयुक्त सुभाष अग्रवाल, हीरा सिंह मरावी, मिलन सिंह मरावी, यास्मीन खान, नीरज जायसवाल, आशीष शर्मा, ललित अग्रवाल, विजय अग्रवाल,एवं रतनपुर और आस पास से बड़ी सख्या में आए हुए लोग आदि उपस्थित रहे
आयोजन की तैयारियां
उर्स को सफल बनाने के लिए इंतेज़ामिया कमेटी और मुस्लिम जमात रतनपुर दिन-रात एक करके सफल बनाया।
कमेटी के प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:
अध्यक्ष: वादिर खान
कार्यकारी अध्यक्ष: हकीम मोहम्मद (पार्षद)
उपाध्यक्ष: जिलानी बेग
सचिव: हुसैन खान
कोषाध्यक्ष: शेख दाऊद मोहम्मद
रतनपुर का इस दरगाह को
“छत्तीसगढ़ का अजमेर” भी कहा जाता है। यहां हर साल लाखों लोग अपनी आस्था और श्रद्धा लेकर आते हैं, जो इस स्थान को एक अनूठा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व देती है।




