सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | आज जिला अस्पताल नारायणपुर में कार्यरत डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने नक्सलियों के पोस्टमार्टम करने से इंकार नहीं किया, बल्कि लंबित CRMC (नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि) के पिछले 9 माह से भुगतान न होने पर अपनी नाराज़गी जताने हेतु 2 से 3 घंटे के लिए कार्य स्थगित किया था।
डॉक्टरों ने बताया कि इस विलंब का उद्देश्य केवल शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था, क्योंकि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद उन्हें अब तक 9 माह की लम्बित प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हुई है।
हालाँकि, जिला प्रशासन द्वारा आश्वासन देने तथा जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कि शव के सड़ने से विभिन्न बीमारियों और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, डॉक्टरों ने तत्काल निर्णय लेते हुए पोस्टमार्टम प्रारंभ किया और निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर शव को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया।
डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी प्रकार से आम जनता से कोई विरोध या नाराज़गी नहीं है। इसके विपरीत, उन्होंने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
साथ ही, डॉक्टरों ने जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) बल को हालिया नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर बधाई एवं सराहना दी और कहा कि वे हमेशा सुरक्षा बलों और आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को प्रतिबद्ध हैं।



