गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर :-
जशपुर :कुनकुरी थाना क्षेत्र से गुम हुए चार नाबालिग बच्चों को जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत महाराष्ट्र से सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया है। बच्चों की सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों के चेहरों पर राहत और खुशी की चमक लौट आई।
कैसे गायब हुए थे बच्चे?
5 नवंबर को कुनकुरी थाना क्षेत्र के एक गांव के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 17 वर्षीय बेटा और उसका 15 वर्षीय दोस्त — जो स्थानीय स्कूल के कक्षा 12वीं और 10वीं के छात्र हैं — 4 नवंबर को घर से ‘नदी नहाने’ का कहकर निकले थे।
काफी देर तक वापस न लौटने और फोन नहीं उठाने पर परिजनों को चिंता हुई। उसी रात करीब 9 बजे 17 वर्षीय लड़के ने अपनी मां को फोन कर बताया कि वह अपने तीन दोस्तों के साथ काम की तलाश में केरल जा रहा है। परिजनों को शक हुआ कि बच्चों को कोई बहला-फुसलाकर ले गया है। इसके बाद कुनकुरी थाना में धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू की गई।
टेक्निकल टीम की मदद से मिला सुराग
तलाशी के दौरान पुलिस और तकनीकी टीम को पता चला कि बच्चे रायगढ़ (महाराष्ट्र) में हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर तुरंत महाराष्ट्र रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने रायगढ़ जिले के पहाड़ तालुका में बच्चों को एक किराए के मकान में काम की तलाश में रह रहे अवस्था में ढूंढ निकाला और सुरक्षित जशपुर वापस लेकर आई।
कैसे पहुंचे थे महाराष्ट्र?
- पूछताछ में बच्चों ने बताया—
- वे सभी दोस्त हैं और काम की तलाश में घर से बिना बताए निकले थे।
- कुनकुरी से बस पकड़कर पहले रायगढ़ (छत्तीसगढ़) पहुंचे।
- वहां से ट्रेन से रोहा स्टेशन, महाराष्ट्र गए।
- फिर बस से पहाड़ तालुका पहुंचे और किराए के कमरे में रहने लगे थे।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
नाबालिगों को सकुशल वापस लाने में—
- थाना प्रभारी राकेश कुमार यादव
- प्रधान आरक्षक छवि कांत पैंकरा
- आरक्षक प्रवीण इन्दवार व रवि पैंकरा
की महत्वपूर्ण भूमिका रही। - एसएसपी ने दी जानकारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि—
“कुनकुरी क्षेत्र से गुम चारों नाबालिग बच्चों को पुलिस ने महाराष्ट्र से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी रहेगा।”



