अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर/बिलासपुर। जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) द्वारा 27 नवम्बर को जनता की समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया गया था। इस घेराव का उद्देश्य रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी, पाँच डिसमिल से कम भूमि बिक्री पर रोक, जिले की बदहाल सड़कों की स्थिति, धान खरीदी में अव्यवस्था, बढ़ते बिजली बिलों तथा गरीब परिवारों के मकानों पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों को प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रखना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए थे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाई थी।
किन्तु कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा की अलोकतांत्रिक सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटते हुए विपक्ष की आवाज दबाने का काम किया है। शांतिपूर्ण घेराव कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें पूर्व जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांण्डेय सहित अन्य कांग्रेसजनों के नाम शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनता के मुद्दों पर संघर्ष करना उनका संवैधानिक अधिकार है, और इस पर एफआईआर करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

एफआईआर के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने आज 02 दिसम्बर, दिन मंगलवार, दोपहर 12 बजे कांग्रेस भवन में सभी कांग्रेसजनों को एकजुट होने का आह्वान किया है। इसके उपरांत सभी कार्यकर्ता सामूहिक रूप से सिविल लाइन थाने पहुँचकर गिरफ्तारी देंगे। कांग्रेसजनों का कहना है कि वे किसी भी दबाव की राजनीति से डरने वाले नहीं हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
नेताओं ने जिलावासियों एवं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सरकार के इस दमनकारी कदम के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें और लोकतंत्र को बचाने के इस आंदोलन को मजबूती दें।



