गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर:-
जशपुर। जिले में गौ-तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। थाना दुलदुला और कुनकुरी क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल 17 नग गौवंश तस्करों के चंगुल से मुक्त कराए हैं, वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पहला मामला थाना दुलदुला क्षेत्र का है, जहां पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सरहदी ग्राम बनगांव–बंगुरकेला के जंगल मार्ग से कुछ लोग गौवंशों को बेरहमी से पीटते हुए पैदल ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन नरेंद्र यादव (44 वर्ष), निवासी रायडीह को पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से 7 नग गौवंश बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने गौवंशों को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले ले जाना स्वीकार किया। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत मामला दर्ज किया गया। फरार साथियों की तलाश जारी है।
दूसरी कार्रवाई थाना कुनकुरी क्षेत्र में की गई। मुखबिर की सूचना पर ग्राम बेहरा टोली–पाकरकूद मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी कर 10 नग गौवंश मुक्त कराए। मौके से मोहम्मद कासिम आलम उर्फ जुम्मन (36 वर्ष), निवासी लोधमा को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरोपी ने गौवंशों को झारखंड के गोविंदपुर ले जाना स्वीकार किया। यहां भी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। आरोपी को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मुक्त कराए गए सभी गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
कार्रवाई में थाना दुलदुला और कुनकुरी की पुलिस टीमों की अहम भूमिका रही।
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में गौ-तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।



