अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर, 26 जनवरी।मां महामाया महाविद्यालय रतनपुर में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देशभक्ति, उत्साह और अनुशासन से परिपूर्ण भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय परिसर को राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में सजाया गया, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने पूरे सम्मान और गर्व के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिसके बाद “वन्दे मातरम्” (राष्ट्रगीत) की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। उपस्थित सभी लोगों ने संविधान और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि भारतीय संविधान केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार है। उन्होंने कहा, “भारतीय संविधान की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। गणतंत्र दिवस हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांस्कृतिक विविधता एवं समृद्ध विरासत का गौरवपूर्ण प्रतीक है। हम सभी का दायित्व है कि संविधान में निहित मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें।”

कार्यक्रम में NSUI के युवा नेता आदित्य साहू ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की जागरूकता और कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “इस अवसर पर हम सभी संविधान में निहित मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहते हुए सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना दायित्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करने का संकल्प लें।”
इस आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य, व्याख्याता, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, एकता और देशभक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस अवसर पर NSUI के युवा नेता आदित्य साहू के साथ-साथ अरमान मधुकर, आयुष कांत पंत, राहुल कश्यप, मनोज पटेल, कृष इंदुवा, अंश नामदेव सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि और साथी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और संविधान के सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
समारोह का समापन राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने के संदेश और भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।



