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बुलंद टाइम्स न्यूज/विकास भुवाल
बेमेतरा। जिले में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट दिशा सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना दोनों विभागों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करें, शैक्षणिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत पालन हो तथा बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि अध्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही मिड-डे मील और पोषण आहार की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
छात्रावासों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने छात्रावासी बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन, स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने के लिए नियमित काउंसलिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा छात्रावास अधीक्षक प्रतिदिन रात्रि भ्रमण कर विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
कन्या छात्रावासों की सुरक्षा को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में पर्याप्त महिला कर्मचारियों की तैनाती हो, सभी सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से संचालित रहें तथा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
बैठक में नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोई भी नाबालिग छात्र-छात्रा स्वयं वाहन चलाकर स्कूल न आए। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन विशेष निगरानी रखे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विद्यालय और अभिभावकों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।



