-वॉटर फ्लो टेस्ट के बाद ही बनेगा देयक, अधिकारियों को दिए सख्त तकनीकी निर्देश,
-डीपीआर के अनुरूप निर्माण, बेहतर ढाल और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर महापौर का जोर,
बुलंद टाइम्स न्यूज, दुर्ग। नगर पालिक निगम। नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र अंतर्गत महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने आज वार्ड क्रमांक 23 दीपक नगर, मालवीय नगर तथा वार्ड क्रमांक 16 सिकोला भाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन नाली कार्यों का स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, एमआईसी सदस्य निलेश अग्रवाल, पार्षद मनोज सोनी, उप अभियंता पंकज साहू, सिद्धार्थ साहू, उप अभियंता अपर्णा मिश्रा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नाली निर्माण कार्य स्वीकृत डीपीआर, स्वीकृत ड्राइंग एवं निर्धारित तकनीकी विनिर्देशों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने कहा कि नालियों में निर्धारित डिज़ाइन के अनुसार पर्याप्त एवं समान ढाल (ग्रेडिएंट) सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा एवं अपशिष्ट जल का निर्बाध प्रवाह बना रहे और कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

महापौर ने कहा कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्रारंभिक एवं अंतिम लेवल का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। निर्माण में उपयोग होने वाली सीमेंट, गिट्टी, रेत सहित सभी सामग्री निर्धारित गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप हो तथा नाली के जॉइंट्स, फिनिशिंग एवं सतह को मजबूत एवं समतल बनाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क, पेयजल पाइपलाइन, विद्युत पोल एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे तथा निकलने वाले मलबे का नियमित निष्पादन कर आवागमन सुचारु बनाए रखा जाए।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, लेकिन गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद नाली में पानी प्रवाहित कर वॉटर फ्लो टेस्ट कराया जाए।
परीक्षण में ढाल एवं जल निकासी संतोषजनक पाए जाने के बाद ही संबंधित कार्य का देयक तैयार किया जाए।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नाली निर्माण कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य वर्षों तक सुचारु जल निकासी सुनिश्चित करना है। गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी।
लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि नगर निगम द्वारा सभी निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक कार्य का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी विकास कार्य पूर्ण कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।जन संपर्क/राजू बक्शी




