मध्यप्रदेश : तीन घंटे जाम रहने से वाहन चालक हुए परेशान, ग्रामीणों ने कहा नीची पुलिया होने से बारिश में अधिकांश दिन रहता है रास्ता बंद, इस स्थिति में कोई बीमार हो जाए, तो बन आती है जान पर.
बीना मध्यप्रदेश कुरवाई रोड से गढ़ा, पड़रिया जाने वाले रास्ते पर सिलार नदी की नीची पुलिया ग्रामीणों को लिए मुसीबत बनी हुई है। बड़ा पुल बनवाने के लिए ग्रामीण तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह को दो बार ज्ञापन दे चुके हैं। साथ ही अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराने के बाद भी कोई समाधान न होने पर बुधवार सुबह लोगों ने स्टेट हाइवे पर जाम लगाया।
सुबह ११ बजे गढ़ा, पड़रिया, गोदना गांव के लोग रामनगर गांव के पास पहुंचे और बीना-भोपाल स्टेट हाइवे पर आड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े कर जाम लगा दिया। सड़क पर बैठकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द पुल का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना था कि कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्या हल होने पर मजबूरन जाम लगाना पड़ा।
बारिश के मौसम में अधिकांश दिनों में यह रोड बंद रहता है और ऐसी स्थिति में कोई बीमार हो जाए, तो उसकी जान पर बन आती है। स्कूल कई दिनों तक बंद रहता है और ग्रामीण जरूरी कामों के लिए भी गांव से बाहर नहीं आ पाते हैं। जाम की सूचना मिलने पर विधायक निर्मला सप्रे मौके पर पहुंची और सड़क पर बनी नीची पुलिया का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में ग्रामीणों को असुविधा न हो, इसलिए कलेक्टर से बात कर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पुरानी पुलिया के दोनों ओर रेलिंग लगवाने के लिए कहा है।
पूर्व में इस पुल के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री के लिए पत्र लिखा था। पुल का एस्टीमेट तैयार किया गया, जो करीब 4 करोड़ रुपए का है, इसे स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया है और जल्द से जल्द बजट स्वीकृत कराकर निर्माण कराया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद तीन घंटे बाद जाम खुल सका। इस दौरान बीना, आगासौद थाना पुलिस, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारी मौजूद थे।
लगी रही वाहनों की कतार, परेशान हुए बीमार, स्कूली बच्चे
सड़क पर जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। यह हाइवे भोपाल, अशोकनगर, विदिशा आदि शहरों को जोड़ता है, जिससे यातायात ज्यादा है, जिससे जाम में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए थे। उज्जैन से कठाई गांव दवाई खिलाने आए राजेश ने बताया कि उन्हें जल्दी वापस जाना था, लेकिन जाम होने से वह परेशान होते रहे। इसी तरह स्कूली बच्चे दो घंटे जाम में फंसे रहे और जब समय ज्यादा लगने की स्थिति बनी, तो दूसरा वाहन बुलाकर बच्चों को घर भिजवाया गया। इस दौरान कई बीमार व्यक्तियों के परिजन भी प्रदर्शनकारियों से निकलने के लिए जगह देने की बात करते हुए नजर आए।



