साइबर ठगी से बचाव की पहल, थाना परिसर में चला ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान
बुलंद टाइम्स न्यूज़/अमित दुबे
रतनपुर। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 20अगस्त को रतनपुर थाना परिसर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान में पुलिसकर्मियों के साथ महिलाओं, ग्रामीणों एवं पत्रकारों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर में लगाए गए QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी ली गई। इसके माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने और जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान की शुरुआत पत्रकार साथियों द्वारा QR कोड स्कैन कर सेल्फी लेने के साथ हुई। इसके बाद रतनपुर पुलिस की टीम ने थाना परिसर में उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि वर्तमान समय में ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। फर्जी लिंक, ऑनलाइन इनाम, बैंक केवाईसी अपडेट, नौकरी, लोन, डिजिटल अरेस्ट और अन्य बहानों से लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी की जा सकती है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें और अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासवर्ड, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी अनजान लोगों से प्राप्त संदिग्ध लिंक एवं संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है।
थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने कहा
थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक कर रही है। किसी भी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो उसे घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में ऑनलाइन लेन-देन करते समय थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकती है। परिवार के सदस्यों, विशेषकर बुजुर्गों और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
जागरूकता से ही साइबर अपराध पर लगाम
रतनपुर पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। एक जागरूक व्यक्ति अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी ठगी से बचा सकता है। इसी उद्देश्य से ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूकता संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस को जानकारी दें। कार्यक्रम में रतनपुर पुलिस एवं रक्षित निरीक्षक निलेश पांडेय की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रतनपुर क्षेत्र के नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना, ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्कता बढ़ाना तथा समाज में सामूहिक साइबर जागरूकता का वातावरण तैयार करना रहा।




