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नदी-नाले उफान पर, संवेदनशील गांवों और निचले इलाकों पर विशेष नजर; राहत-बचाव दल, स्वास्थ्य अमला और आपदा प्रबंधन तंत्र तैयार…
बुलंद टाइम्स न्यूज/सुरेश सोनी
नारायणपुर। बस्तर संभाग में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच प्रशासन ने संभावित बाढ़ और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नारायणपुर समेत संभाग के सभी जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लगातार बारिश के कारण कई नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है।
क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर वर्षा की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने बाढ़ आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय एवं पूरी तरह मुस्तैद रखने के निर्देश दिए। नदी-नालों के किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यक बचाव उपकरण, संसाधन और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश
बारिश के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति को देखते हुए मंत्री कश्यप ने स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा अमले को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक दवाइयों, एंबुलेंस सेवाओं, चिकित्सकीय टीमों तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील
मंत्री कश्यप ने आमजन से अपील की कि लगातार बारिश के दौरान सावधानी बरतें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने के साथ तेज बहाव के बीच नदी-नालों को पार न करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने का आग्रह किया।
अधिकारियों के अनुसार, बस्तर संभाग में वर्षा और जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार हैं। प्रशासन का जोर संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक कदम उठाने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने पर है।




