Oplus_131072
बुलंद टाइम्स न्यूज/सुरेश सोनी
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ शासन के “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में सोमवार को जिला स्तरीय महाविद्यालयीन रंगोली प्रतियोगिता
का आयोजन दिनांक 28-09-2026 को किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं जनमानस में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय परंपराओं तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति जागरूकता एवं रुचि विकसित करना था।
इस अवसर पर जनभागीदारी अध्यक्ष श्री नरेंद्र मेश्राम, प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. एस. आर. कुंजाम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम सहायक समन्वयक श्री आर. के. यादव द्वारा किया गया। अतिथियों ने प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों द्वारा तैयार रंगोलियों की सराहना की तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इस रचनात्मक रंगोली प्रतियोगिता में डिजाइन स्थानीय व प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन किया गया।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न विषयों पर आकर्षक ‘रंगोली’ तैयार की। प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, शासकीय योजनाएं, कला एवं परंपरा, राष्ट्रीय एकता, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त किया गया। रंगोली निर्माण में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्रियों के उपयोग को विशेष महत्व दिया गया।
प्रतियोगिता में प्रस्तुत कलाकृतियों का निर्धारित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसमें रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति, कलात्मकता तथा प्राकृतिक सामग्री के उपयोग को ध्यान में रखा गया। प्रथम स्थान बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की सुनीता नुरेटी एवं उनकी साथी शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर, द्वितीय स्थान पर सयुंक्त रूप से कपूरचंद एवं साथी रामकृष्ण मिशन विवेकानंद महाविद्यालय नारायणपुर एवं प्रमोद कुमार नाग एवं साथी शासकीय नवीन महाविद्यालय छोटेडोंगर नारायणपुर, तथा तृतीय स्थान पर सयुंक्त रूप से भूमिका सोरी एवं साथी शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर एवं वीना मातलाम एवं साथी वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय नारायणपुर ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त सहायक प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं एवं कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का समापन भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण, प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा राष्ट्र की “विविधता में एकता” की भावना को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ किया गया।




