बुलंद टाइम्स के लिए जिला ब्यूरो चीफ अनीश मिश्रा की रिपोर्ट
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज राजधानी रायपुर में नुआखाई (जुहार) पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ एवं ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने 1100 से अधिक महिलाओं द्वारा किए गए सामूहिक रक्तदान की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं।
नुआखाई पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ी भाषा में करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के दाई, बहिनी, भाई अउ मयारू लईका
मन ला जोहार, छत्तीसगढ़ महतारी की जय।”
उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल एक कृषि या सांस्कृतिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध परंपराओं, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, किसानों के सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने तथा भारतीय जीवन-मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। इसलिए अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
1100 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की सराहना
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी और 1100 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान किए जाने पर राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में आगे आकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया है।
राष्ट्रपति ने महिलाओं को शक्ति स्वरूपा बताते हुए कहा कि उनका यह योगदान देश के दूसरे राज्यों की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बेटियों को ‘आई कैन डू इट’ (मैं यह कर सकती हूं) के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि जीवन में महिला और पुरुष दोनों की समान भूमिका है। जिस प्रकार रथ के संचालन में सभी पहियों का योगदान आवश्यक होता है, उसी प्रकार समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की समान भागीदारी जरूरी है।
राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे व्यवहार, सोच और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो इसका लाभ उनके परिवार के साथ-साथ पूरे समाज और राष्ट्र को मिलेगा।
नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से अनेक युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ राज्य तथा देश के विकास को भी गति मिल रही है।
राष्ट्रपति ने ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की भावना को मजबूत करते हुए प्रदेश को विकसित और समृद्ध बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में छत्तीसगढ़वासियों को अधिक से अधिक योगदान देना चाहिए।
युवाओं से ईमानदारी, निष्ठा और सेवाभाव अपनाने की अपील
युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। युवाओं को अपने व्यक्तिगत प्रयासों को सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को ऊंचा रखने, विचारों को व्यापक बनाने और श्रेष्ठ आचरण अपनाने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं होता, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।
उन्होंने युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवाभाव जोड़ने की सलाह दी। इन गुणों के माध्यम से युवा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जीवन को देश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने नुआखाई पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्नदाता किसानों के सम्मान, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को अपनी मिट्टी, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा सहित विभिन्न विधायक उपस्थित रहे।
इसके अलावा संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
संदेश: सेवा, समानता और संस्कार से बनेगा विकसित भारत
रायपुर में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ एवं ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सेवा, युवाओं के चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।




