रिपोर्ट: लता नाग
बुलंद टाइम्स न्यूज | छत्तीसगढ़जिला दन्तेवाड़ा,
दन्तेवाड़ा। बस्तर की समृद्ध धार्मिक परंपरा और आस्था के प्रतीक मां दन्तेश्वरी की डोली नौ दिनों तक जगदलपुर में दशहरा पर्व की रस्में निभाने के बाद दन्तेवाड़ा लौट आई। 27 अक्टूबर की देर रात लगभग 2 बजे माता की डोली दन्तेवाड़ा पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने रेलवे फाटक पर उनका स्वागत किया।
माता की डोली के आगमन पर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। बाजे-गाजे के साथ माता की डोली को उनके निवास स्थान तक लाया गया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति और उल्लास में सराबोर नजर आए।
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसी परंपरा के तहत मां दन्तेश्वरी की डोली का जगदलपुर जाना और रस्में पूरी करने के बाद दन्तेवाड़ा वापस लौटना विशेष महत्व रखता है।
माता दन्तेश्वरी से जुड़ी यह परंपरा बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, लोक आस्था और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस परंपरा से जुड़कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।




