डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार (भा.पु.से.) एवं अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर माड़ क्षेत्र के मूलवासियों को नक्सली विचारधारा से बचाने और उन्हें माओवादी के खोखले सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालने एवं क्षेत्र के ग्रामीणों को नक्सली भय मुक्त करने के उद्देश्य से क्षेत्र में ‘‘नक्सल भय मुक्त’’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में अमन, शांति, सुरक्षा, विकास, सुशासन बना रहे।
उक्त अभियान के दौरान अभिषेक पैकरा, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) छोटेडोंगर के नेतृत्व में सुरक्षा बलों द्वारा आज दिनांक 15.10.2024 को क्षेत्र के ग्राम तुरूषमेटा, रोहताड़, चिहरा, मढ़ोनार और कचोरा में पहुँचकर पूर्वी बस्तर डिवीजन क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में मिली सफलता का वृहत रूप से प्रचार-प्रसार किया गया एवं क्षेत्र के ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें फल भेट कर कुशल क्षेम पूछा गया।
सुरक्षा बलों द्वारा ग्रामीणों को नक्सल विरोधी अभियान में मारे गये माओवादियों के फोटोग्राफ्स ग्रामीणों को दिखाकर नक्सलियों के प्रति ग्रामीणों के मन में जो भय व्याप्त था उन्हें दूर किया गया। क्षेत्र के ग्रामीण नक्सल भय से मुक्त होकर पुलिस के साथ निर्भिक रूप से अपने मन की बात कह रहे हैं ग्रामीण अपने आप को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसुस कर रहे है और उन्हें विचारों की अभिव्यक्ति भी मिल रही है जिस कारण शासन/प्रशासन स्तर तक अपनी बात रखने के लिए भी संकोच नहीं कर रहे हैं। अब क्षेत्र के ग्रामीण अब भय व हिंसामुक्त होकर जीवन जी रहे है एवं ग्रामीणों में नक्सली भय से आजादी की आशा जगी है।
सुरक्षा बलों के द्वारा गांव-गांव में जाकर क्षेत्र के ग्रामीणों से भेट-मुलाकात कर उन्हें समझाया जा रहा है कि अब नक्सलियों से डरने की जरूरत नहीं है। क्षेत्र में अमन, शांति, विकास कायम रहेगा किसी प्रकार से असामाजिक तत्वों की कोई जोर नहीं चलेगी। क्षेत्र के लोग स्वतंत्र, निर्भिक रूप से जीवनयापन व्यतीत करेंगे जिस भी परिवार के सदस्य जो नक्सलियों के गलत संगत में आकर नक्सल संगठन में जुड़े है, उन्हें शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति को अपनाकर समाज के मुख्य धारा से जुड़ने और हथियार एवं नक्सलवादी विचारधारा का पूर्णतः त्याग करने की अपील की गई।



