अमर सिंह ठाकुर की रिपोर्ट:-
बालाघाट – श्री मृणाल मीना ने गुरुवार को आयोजित टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने वाले नागरिकों की समस्या निराकरण में अच्छा निर्णय लिया है। उन्होंने निर्देश दिए है कि ऐसे विभाग जो हितग्राहीमूलक योजनाएं क्रियान्वित कर रहे है।
उन्होंने पूर्व महीनों में अगर किसी शिकायत को फोर्स क्लोज कराया या निम्न गुणवत्ता से बन्द कराया है तो ऐसी शिकायतें पुनः ओपन कराएंगे। यानी कि गत वर्ष जो शिकायत की थीं। उस शिकायत पर वांछित कार्यवाही नही हुई तो उस शिकायत को पुनः जांचा जाएगा।
ऐसा योजना से सम्बंधित शिकायतों पर ही होगा। कलेक्टर श्री मीना ने टीएल बैठक में मुख्य रूप से नागरिको से प्राप्त होने वाली शिकायतों व विभिन्न पोर्टल के माध्यम से जिला स्तर व शासन स्तर तक की जाने वाली निगरानी के सभी पोर्टल की प्राथमिकता से समीक्षा की।
इसमें सीएम हेल्पलाईन के अलावा सीपी ग्राम पोर्टल, सीएम हाउस व मॉनिटरिंग, सीएस मॉनिटरिंग और भोपाल स्तर से विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों से प्राप्त होने वाले पत्रों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने सम्बधित विभागों को 18 नवम्बर तक शिकायतों के निराकरण का भी लक्ष्य दिया है।
बीएमओ, सीएमओ और जनपद सीईओ पर 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के कार्ड बनाने की जिम्मेदारी
टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मीना ने 70 वर्ष की आयु पार करने वाले नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा की। बैहर, कटंगी और लांजी जनपद में हुए कार्यो की प्रगति निराशाजनक होने पर बीएमओ को हिदायत दी गई।
साथ ही निर्देश दिए है कि बीएमओ, सीएमओ और जनपद सीईओ मिलकर कार्य करते हुए प्रतिदिन के लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटेंगे। नगरीय क्षेत्रों में क्लस्टर प्रभारी कार्य करेंगे।
- संतोषजनक प्रगति नही लाने वाले बीएमओ को जिला स्तर पर बुलाया गया था। लांजी व कटंगी के बीएमओ समय पर टीएल में पहुँचने पर नाराजगी व्यक्त की गई। जनपद वार और निकायवार शिविर लगाकर कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है।
अपर कलेक्टर के बाद स्वयं कलेक्टर सायबर तहसील से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करेंगे
कलेक्टर श्री मीना ने टीएल बैठक में राजस्व अधिकारियों से कहा कि सायबर तहसील से जुड़े प्रकरणों खासकर आपत्तिजनक है। उनकी समीक्षा दो स्तर पर होगी, पहले अपर कलेक्टर को ऐसे प्रकरण प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद वो स्वयं भी उन प्रकरणों को देखेंगे। उन्होंने हिदायत दी है कि किसी भी प्रकरण में किसी भी राजस्व अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पायी गई तो कठोर कार्यवाही की जाएगी। ऐसे ही सीमांकन के प्रकरणों के सम्बंध में भी निर्देशित किया गया है। राजस्व विभाग के प्रकरणों की समीक्षा में एसडीएम वारासिवनी श्री आर आर पांडे को निर्देश दिए है कि खैरलांजी तहसील में समाधान ऑनलाइन से सम्बंधित विषय ज्यादा लंबित है। दो दिन खैरलांजी में ही जाकर उनका निराकरण करेंगे।
एक सप्ताह में विद्यार्थियों का स्वास्थ्य डेटा प्रस्तुत करेंग
जनजातीय क्षेत्रों में संचालित क्षेत्रो में निवास करने वाले छात्रवासों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जायेंगे। कलेक्टर श्री मीना ने जनजाति कार्य विभाग और सीएमएचओ को एक सप्ताह का समय दिया है। इस अवधि में पूरा डेटा उपलब्ध कराते हुए भोपाल अवगत कराना होगा।



