अमर सिंह ठाकुर की रिपोर्ट-
बालाघाट| प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में एक ऐसी सड़क बनकर तैयार हुई है। जो दो जनजातीय जनपद के आदिवासियों के लिए लाईफ लाइन के समान है। यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण है कि इस सड़क से 14 से अधिक गांवो से निकलने वाली सड़कें 7 जंक्शन बना रही है। इस लिहाज से 32 कि.मी की यह सड़क किसी हाइवे से कम नही। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र में बनी है जहां पहले को पक्की सड़क नहीं हुआ करती थी।
अब बैहर और बिरसा दो जनपदों के नागरिक सैर सपाटे से एक छोर से दूसरे छोर तक अस्पताल, स्कूल, राशन दुकानों, मंडी और शहरों की राह आसान हो गई है। वहीं कस्बों व शहरों के व्यापारियों और पर्यटकों की भी पहुँच गांवो तक हो गई है।पीएमजीएसवाय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भंडेरी से अडोरी जाने वाली 32 किमी. की सड़क एक अकेली सड़क नहीं है। इस सड़क पर 7 से अधिक सड़के आकर मिलती है। जो कई जगह पर तिराहे और चौराहा भी बनाती है।
32 किमी.की सड़क से 7 अन्य पीएम सड़कों के जंक्शन बनें
भंडेरी से अडोरी को जाने वाली 32.656 किमी की सड़क ऐसी सड़क है। जिस पर 7 अन्य पीएम सड़कें जंक्शन बना रही है। जिनकी कुल लंबाई 50.37 कि.मी लंबी है। यानी इस एक सड़क के आसपास के गांवो के लिए अपने आप में हाइवे की तरह है। इससे स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा के अलावा रोजगार, व्यापार, मंडी और बैंक तक इस मार्ग में आने वाले 8 गाँवों की करीब 10 हजार नागरिकों की लाईफ लाइन के समान है।
ये 7 सड़के मोहबट्टा से करवाही 13.47 किमी. सरेखा से बरवाही 1.50 किमी.पाथरी से गड़पायली 2.70 किमी.नव्ही से जालदा 3.30 किमी., अडोरी से सुन्दरवाही 5.90किमी.,अडोरी से कोरका 13.50 किमी. और कोरका से धरमशाला 10 किमी. की कुल 50.37 किमी. की सड़कें बनी है। जो सीधे भंडेरी से अडोरी मार्ग पर जंक्शन बनाती है।
4 हजार से अधिक राशन कार्ड और हर दिन करीब 500 रोगियों की पहुँच हुई स्वास्थ्य केंद्रों तक
सड़क निर्माण से पूर्व विभाग द्वारा किये गए सर्वे के अनुसार भंडेरी, गंजेसरा, घुममुर, कंडाई, कीनिया, गुडरवाड़ा और सरेखा की कुल जनसंख्या 8 हजार से अधिक बताई गई। वहीं इसके आसपास के 30 से अधिक गाँव के नागरिक भी इसी सड़क का उपयोग करने लगे है।
इस सड़क से राशन कार्ड धारियों को शासकीय उचित मूल्य दुकानों तक पहुँचने में आसानी हुई है। इस मार्ग का उपयोग कर करीब 4000 हजार नागरिक राशन पा रहें है। इसी तरह इस मार्ग के दायरे में आने वाले गांवो में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 500 रोगी प्रतिदिन स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँच रहे है ।



