अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर रतनपुर विश्व प्रसिद्ध मां महामाया देवी मंदिर स्थित महामाया कुंड में हुए कछुआ कांड में दुर्लभ प्रजाति के 23 कछुआ की मौत के जिम्मेदार तीन आरोपी फरार वन विभाग ने इस मामले में दो गरीब मछुआरों को किया गिरफ्तार वहीं मुख्य आरोपी रसूखदार तीनों हुए |
फरार यह घटना पूर्ण रूप से सुनियोजित थी इसमें रसूखदार लोगों का हाथ था लेकिन कार्यवाही निम्न वर्ग गरीब मछुवारों पर हो रही अत्याचार वहीं साजिश कर्ता ने अपने पकड़ और पहचान से या कहा जाये प्रभाव से अपना बचाव कर लिया है|
अब सवाल यह उठता है कि वन प्रशासन आखिर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई ? जबकि वन प्रशासन के पास घटना के सारे सबूत मौजूद है
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता संगठन और पर्यावरणविद ने इस घटना की बड़ी निंदा करते हुए इस प्रकरण में संलिप्त पाए गए ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा सहयोगी आनंद जायसवाल गजेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा का मांग कर रहे हैं|
अब सवाल यह उठता है कि वन विभाग ने समय रहते कार्यवाही क्यों नहीं की ? क्या वन विभाग के आला अधिकारी किसी के दबाव में है ?
सूत्र बताते हैं कि 29 मार्च को जांच अधिकारी द्वारा पांचो मुख्य संदिग्धों को न्यायालय में पेश करने की योजना थी मगर विभागीय अधिकारियों पर नेताओं का भयंकर दबाव थी जिसकी वजह से कार्यवाही को टाल दिया गया




