कमलेश सिंह की रिपोर्ट :-
छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ‘चावल उत्सव’ की शुरुआत ग्राम पंचायत ढोरली में भव्य आयोजन के साथ की गई। जून, जुलाई और अगस्त – तीन माह के राशन का एकमुश्त वितरण इस अवसर पर किया गया, जिसे पंचायत स्तर पर एक उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा पारंपरिक रीति से गुलाल लगाकर और श्रीफल फोड़कर किया गया।
472 हितग्राहियों को राशन वितरण
पंचायत सचिव गौतम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत ढोरली के अंतर्गत कुल 472 राशन कार्डधारी हितग्राही हैं, जिनमें 91अंत्योदय कार्डधारी, 352 बीपीएल और 26 एपीएल परिवार शामिल हैं। साथ ही तीन निशक्तजन हितग्राहियों को भी इस विशेष योजना का लाभ प्रदान किया गया।
प्रदेशभर में 1 से 7 जून तक चलेगा ‘चावल उत्सव’
सचिव गौतम सिंह के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के 81 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को चावल उत्सव के तहत जून, जुलाई और अगस्त का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है। यह वितरण प्रत्येक उचित मूल्य दुकान में पूर्व भंडारण और समिति की उपस्थिति में किया जा रहा है। वितरण प्रक्रिया दिनेश सेन के द्वारा ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही पूर्ण हो रही है। प्रत्येक लाभार्थी को चावल प्राप्ति की रसीद भी अनिवार्य रूप से दी जा रही है।
मानसून को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी
मानसून के दौरान प्रदेश की 249 उचित मूल्य दुकानें ऐसी हैं, जो वर्षा के समय पहुंचविहीन हो जाती हैं। ऐसे में जून माह में ही इन दुकानों में चावल का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षा काल में भी राशन वितरण की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे और किसी भी हितग्राही को असुविधा न हो।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर
पंचायत सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वितरण प्रणाली का मूल उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी को सुविधाजनक और सम्मानजनक तरीके से योजना का लाभ दिलाना है।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ वितरण
चावल उत्सव के दौरान ग्राम पंचायत ढोरली में निम्नलिखित जनप्रतिनिधि और सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे:
सरपंच – चंद्रप्रताप सिंह
उपसरपंच – संतोष कुमार
पंचायत सचिव – गौतम सिंह एवं सभी पंचगण अन्य सक्रिय सदस्य
इस अवसर पर गांव के सभी हितग्राही भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार की इस पहल के प्रति संतोष और आभार व्यक्त किया।



