अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर | रतनपुर थाना अंतर्गत लिम्हा( बेलतरा) स्थित तिवरता कोयला धुलाई संयंत्र के खिलाफ स्थानीय नागरिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम लिम्हा के पास मुख्य सड़क मार्ग से सटे इस संयंत्र में मानकों के विपरीत कोयला धुलाई किए जाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से निकलने वाली कोयले की धूल और कार्बन कण न केवल वायु गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं, बल्कि आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा भी पैदा कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ने खनिज अधिकारी को सौंपा आवेदन
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप सिंह ठाकुर ने इस मामले में खनिज अधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपकर संयंत्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि संयंत्र संचालक न केवल शासन द्वारा तय पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि प्रस्तावित 0.96 मिलियन टन वार्षिक क्षमता से भी अधिक मात्रा में कोयले का दोहन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में संयंत्र प्रबंधन ने क्षमता विस्तार के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संयंत्र से सटी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार उड़ने वाली कोयले की धूल और कार्बन के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ, त्वचा रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री और स्थानीय लोग कोयला डस्ट के कारण सड़क पर सफर करने में भी परेशान हैं।
पहले भी हो चुके हैं विरोध-प्रदर्शन
नागरिकों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन को शिकायतें, आवेदन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। लोगों का धैर्य अब टूटने की कगार पर है।
कार्रवाई की मांग
प्रदीप सिंह ठाकुर ने मांग की है कि संयंत्र द्वारा पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट और प्रबंधन योजनाओं की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए दंडात्मक कार्यवाही की जाए और संयंत्र की क्षमता घटाई जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम बेलतरा क्षेत्र के आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है।
आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, क्षेत्र के नागरिक स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन की मांग को लेकर एकजुट हैं, और किसी भी समय आंदोलन तेज एवं चक्का जाम करने की चेतावनी दे रहे हैं।





