डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट:-
नारायणपुर | आज 8 जुलाई को ओरछा ब्लॉक के गाँव आकाबेड़ा में सम्पूर्णता अभियान के तहत् दूसरा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में कुल 127 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया साथ ही 38 लोगो का आयुष्मान कार्ड बनाया गया स महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो गर्भवती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने गाँववासियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें सामान्य स्वास्थ्य जाँच, रक्तचाप, शुगर, खून जांच और अन्य आवश्यक परीक्षण शामिल थे। इस मौके पर 127 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जाँच करवाई, जिससे उन्हें उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी इस शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई और दो गर्भवती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहित करना और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना था। गोदभराई कार्यक्रम ने गाँव की अन्य महिलाओं को भी जागरूक किया और उन्हें गर्भावस्था के दौरान विशेष देखभाल करने की प्रेरणा दी। इस पूरे शिविर के सफल आयोजन में पिरामल फाउंडेशन ने प्रबंधन और तकनीकी सहायता प्रदान की। पिरामल फाउंडेशन की टीम ने शिविर की व्यवस्था, स्वास्थ्य उपकरण, और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की, जिससे यह शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।

इस शिविर का आयोजन स्थानीय प्रशासन, विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने भी शिविर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्पूर्णता अभियान के इस दूसरे शिविर ने न केवल गाँववासियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। इन शिविरों का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं की पहुँच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस सफल आयोजन के बाद, आगामी शिविरों के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि और अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके और सम्पूर्णता अभियान के उद्देश्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग से मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव कुमार सिंह बीपीएम प्रदीप देवांगन, पीरामल फाउंडेशन से डी.एल. वर्षा मिश्रा, यूनिसेफ से डॉक्टर धृणी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग एवं महिला बाल विकास के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित होकर अपना सहयोग प्रदान किये।






