
अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर (छत्तीसगढ़)। प्राचीन धार्मिक नगरी रतनपुर में छत्तीसगढ़ सरयू पारीण ब्राह्मण सभा ने अक्षय तृतीया पर्व को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। सभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जयंती (अकती) को राजकीय अवकाश के रूप में घोषित करने का आग्रह किया।
सभा के अध्यक्ष बलराम पांडे ने बताया कि भगवान परशुराम न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि समस्त सनातन धर्मावलंबियों के आराध्य देव हैं। उनके प्रकट दिवस को अक्षय तृतीया के रूप में देशभर में धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस कारण इस दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर इसे पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए।
चौक का नामकरण और भवन निर्माण की मांग
ज्ञापन में सभा ने रतनपुर नगर में एक प्रमुख चौक का नाम भगवान परशुराम के नाम पर किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही रतनपुर में भगवान परशुराम भवन के निर्माण के लिए शासन से राशि स्वीकृत करने का अनुरोध भी किया गया, ताकि ब्राह्मण समाज और अन्य समुदायों के लिए सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र स्थापित हो सके।


इतिहास और ब्राह्मणों की भूमिका
सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि कल्चुरी राजाओं के समय से ही रतनपुर में ब्राह्मण परिवार निवास करते आ रहे हैं और आज भी यहां के मंदिरों की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्य पारंपरिक रूप से इन्हीं परिवारों द्वारा संपन्न किया जाता है। वर्तमान में नगर में 300 से अधिक ब्राह्मण परिवार निवासरत हैं। इस सामाजिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए चौक का नामकरण और भवन निर्माण समाज की आवश्यक मांग है।
ज्ञापन सौंपने वालों में रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान सभा के अध्यक्ष बलराम पांडे के साथ अश्वनी दुबे, राजेंद्र मिश्रा, रविंद्र दुबे, राजेश शर्मा, शेष देव मिश्रा, राजेंद्र दुबे, रमन शर्मा, दिनेश पांडे, शिवानंद पांडे, अमित दुबे, अजय दुबे, नीलू पांडे, राजेश्वरी दुबे, सुषमा दुबे सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण सभा के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।



