सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : जिला अस्पताल नारायणपुर में एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सीय मामला दर्ज किया गया है, जो प्रति वर्ष लगभग एक मिलियन मामलों में केवल एक ही बार पाया जाता है। मरीज का नाम मेहतरीन (60 वर्ष, महिला) है, जो लगातार हाइपोग्लाइसीमिया, थकान, बेचैनी, भ्रम की स्थिति, जोड़ों में दर्द सहित कई लक्षणों से पीड़ित थीं।
मरीज को गंभीर हालत में जिला अस्पताल नारायणपुर के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहाँ उनकी देखरेख डॉ. हिमांशु सिन्हा के नेतृत्व में की गई। आगे की जाँच एवं परामर्श के लिए रायपुर शासकीय अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. व्योम अग्रवाल से भी विशेषज्ञ सलाह ली गई। चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर मरीज में इंसुलिनोमा एवं संदिग्ध न्यूरोएंडोक्राइन पैनक्रियाटिक ट्यूमर की संभावना जताई गई है।
इस दौरान मरीज की नर्सिंग देखभाल में मनीषा सरकार, मंजुलता, मोहिता एवं दिलीप पोयाम का विशेष योगदान रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद जिला अस्पताल की टीम ने मरीज को सर्वोत्तम उपचार और देखभाल उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर ने चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, “नारायणपुर जैसे संसाधन-विहीन जिले में भी हमारी टीम ने जिस तरह दुर्लभ बीमारी की पहचान और इलाज संभव बनाया है, वह काबिले-तारीफ़ है।”



