
अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। शारदीय नवरात्र का आगाज़ महामाया नगरी रतनपुर में आस्था और उल्लास के वातावरण में हुआ। प्राचीन आदि शक्ति माँ महामाया देवी मंदिर में नवरात्र के प्रथम दिन 31 हज़ार दीपों की जगमगाहट से पूरा मंदिर प्रांगण अलौकिक प्रकाश से नहाया। इस दृश्य ने भक्तों के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर दिया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दराज़ ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन हेतु पहुँचे। कतारबद्ध होकर श्रद्धालु माता महामाया के दरबार में मत्था टेकते रहे। मंदिर प्रांगण में “जय माता दी” के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा। नवरात्र के पहले दिन ही हजारों श्रद्धालु माता के चरणों में नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा परिवार की मंगलकामना की।
31 हज़ार दीपों से जगमगाया मंदिर
शाम की आरती के समय जब 31 हज़ार दीप एक साथ प्रज्वलित किए गए तो मंदिर परिसर का दृश्य अद्भुत और दिव्य हो उठा। दीपों की कतारें चारों ओर चमचमा रही थीं, मानो स्वयं माँ महामाया का आभामंडल धरा पर उतर आया हो। श्रद्धालु इस अनुपम नज़ारे को अपने कैमरों में कैद करते दिखे, वहीं कई भक्त दीप जलाकर अपनी मनोकामना माँगते नज़र आए।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
महामाया ट्रस्ट ने इस बार नवरात्र महोत्सव को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। मंदिर परिसर और नगर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए गए। स्वास्थ्य सुविधा के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर पार्किंग, पेयजल और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
देश और विदेश से पहुँचे श्रद्धालु
इस बार नवरात्र पर्व की भव्यता और आस्था का आलोक देशभर ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैला। विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भी दीप प्रज्वलित कर माता महामाया के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
ट्रस्ट और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
महामाया ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा, “माँ महामाया के आशीर्वाद से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवरात्र महोत्सव भव्य रूप से प्रारंभ हुआ है। 31 हज़ार दीपों की ज्योति से रतनपुर का वातावरण अलौकिक बन गया। देश और विदेश से पहुँचे श्रद्धालुओं की भीड़ से यह स्पष्ट है कि माता महामाया की महिमा विश्वभर में गूँज रही है।”
वहीं दर्शनार्थी श्रद्धालु भावुक होकर बोले, “यहाँ आकर ऐसा लगता है मानो स्वयं माता साक्षात् दर्शन दे रही हों। 31 हज़ार दीपों का दृश्य जीवन में पहली बार देखने को मिला। माँ महामाया से यही प्रार्थना है कि सबके जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे।”
भक्ति और सांस्कृतिक माहौल
नवरात्र के अवसर पर रतनपुर नगर पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है। मंदिर परिसर और आसपास भजन-कीर्तन, माँ की चौकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है। माँ महामाया की जयकारों और भक्तिमय गीतों से वातावरण गुंजायमान है।
👉 नवरात्र के अगले आठ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है। ट्रस्ट ने सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली हैं और भक्तों में अपार उत्साह एवं आस्था देखने को मिल रही है। रतनपुर का पूरा वातावरण देवीमय हो गया है।



