ईश्वर प्रधान की रिपोर्ट, रतनपुर से:-
रतनपुर | धर्मनगरी रतनपुर में निर्मित अटल परिसर एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ ही महीने पहले बड़े धूमधाम से उद्घाटन किया गया यह परिसर आज बदहाली की स्थिति में पहुंच गया है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद से परिसर में लगी सभी लाइटें बंद पड़ी हुई हैं, जिससे रतनपुर के नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अटल परिसर का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के करकमलों से किया गया था। परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। यह परिसर रतनपुर की शान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी खराबी के कारण यहां की लाइटें बंद हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रतनपुर में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारी भी मूकदर्शक बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि घटिया गुणवत्ता वाली लाइटें लगाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि अटल परिसर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
रतनपुर के लोगों का कहना है कि जब इतने बड़े नेता, देश के पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा के नीचे भी ऐसी अव्यवस्था हो, तो आम जनता की समस्याओं पर ध्यान कौन देगा? परिसर में अंधेरा छाया रहता है, जिससे शाम के समय आने-जाने वालों को काफी परेशानी होती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अटल परिसर की लाइटें चालू की जाएं और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं, लोगों का यह भी कहना है कि यह मामला सिर्फ लाइटों का नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदनशीलता का विषय है। अटल बिहारी वाजपेयी जी जैसी महान विभूति के नाम से बने परिसर की यह स्थिति देखना किसी भी नागरिक के लिए दुखद है।
जनता की उम्मीद है कि प्रशासन और नगर पालिका जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देंगे और अटल परिसर को उसकी गरिमा के अनुरूप रोशन रूप में पुनः स्थापित करेंगे।



