विकास भुवाल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट –
बेमेतरा – जिले में रविवार 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित राज्योंत्सव कार्यक्रम के दौरान बेमेतरा कलेक्टर रणवीर शर्मा के दुर्व्यवहार का मामला सामने आया. कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर के रवैये से नाराज होकर विधायक दीपेश साहू, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम स्थल से वॉकआउट कर दिया. इस दौरान आयोजन स्थल पर कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई. कलेक्टर के व्यवहार और क्रियाकलापों को लेकर विधायक व जनप्रतिनिधियों ने भारी रोष व्यक्त करते हुए खुलकर नाराजगी जताई. इस संबंध में आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया है.
जनप्रतिनिधियों के साथ किया अभद्र व्यवहार
ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, विधायक दीपेश साहू, ईश्वर साहू एवं जिलाध्यक्ष अजय साहू, नगरपालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, राजेंद्र शर्मा, योगेश तिवारी शामिल थे. कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने मंच के सामने बैठने के बाद पहले दो वेटरो को फटकारा उसके तुरंत बाद पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें कुर्सी छोड़कर पीछे जाने के लिए निर्देशित किया.
लोकतांत्रिक पदों का सम्मान हुआ आहत
कलेक्टर के व्यवहार को जनप्रतिनिधियों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए विधायक व सभी भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता कार्यक्रम से उठकर बाहर निकल आए और कलेक्टर हाय-हाय एवं जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों का अपमान अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि कलेक्टर की इस कार्यशैली से लोकतांत्रिक पदों का सम्मान आहत हुआ है तथा ऐसे व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
मुख्यमंत्री से कलेक्टर के ट्रांसफर की मांग
इसके बाद सांसद बघेल की अध्यक्षता में विधायक दीपेश साहू की मौजूदगी मे स्थानीय विश्राम गृह में दो घंटे की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक व सभी पदाधिकारियों ने कलेक्टर को बेमेतरा से तत्काल हटाने की मांग की. सांसद विजय बघेल ने घटना की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव साय एवं संगठन महामंत्री पावन साय को फोन पर देते हुए कलेक्टर के स्थानांतरण की मांग रखी. से लोकतांत्रिक पदों का सम्मान आहत हुआ है तथा ऐसे व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
वर्सन
मेरे हाथ की सर्जरी हुई जिसे धक्का मत लगे सोचकर पीछे बैठे लोगों को एक कुर्सी से दुसरे कुर्सी पर बैठने को कहा अपमान वाली कोई बात नहीं किया हूँ और विधायक से मेरी कोई बात नहीं हुई है.



