सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर। नक्सल मुक्त और विकसित बस्तर की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए नारायणपुर पुलिस ने ओरछा–आदेर मार्ग होते हुए बेदरे (जिला बीजापुर) की सीमा से लगे ग्राम लंका तक सड़क कनेक्टिविटी स्थापित कर दी है। इसके साथ ही लंका में नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित कर दिया गया है। इस कदम से माड़ क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों के हजारों लोगों को जल्द ही मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है।
नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में बनाए गए इस कैंप से अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों तक विकास कार्यों को तेजी देने में मदद मिलेगी। माड़ बचाओ अभियान के अंतर्गत स्थापित यह कैंप लंका में सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच का नया केंद्र बनेगा।
130 किमी दूर अबूझमाड़ के हृदय में पहली बार पहुंची सड़क व सुरक्षा
ग्राम लंका जिला मुख्यालय नारायणपुर से 130 किलोमीटर, थाना ओरछा से 65 किलोमीटर और आदेर से 36 किलोमीटर दूर है। अत्यंत दुर्गम और नक्सलियों का प्रमुख आश्रय स्थल माने जाने वाले इस इलाके में पहली बार सड़क कनेक्टिविटी और सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी स्थापित हुई है।
लंबे समय से अलग-थलग पड़े अंगमेटा, कुमरमेटा, कवंडे, पुसलंका, बुरी, जपमरका सहित आसपास के गांव अब सड़क, पुल-पुलिया, मोबाइल नेटवर्क और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।
विकास और सुरक्षा दोनों को मिलेगी रफ्तार
नए कैंप के स्थापित होने से
- सड़क निर्माण
- पुल-पुलिया कार्य
- स्वास्थ्य सुविधाएँ
- शिक्षा
- मोबाइल नेटवर्क
सरकारी योजनाओं की पहुँच
को मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा। ग्रामीणों में इस पहल को लेकर उत्साह है और क्षेत्र में विश्वास का माहौल बना है।
2025 में स्थापित किए गए कई महत्वपूर्ण सुरक्षा कैंप
नारायणपुर पुलिस ने इस वर्ष नक्सलियों के प्रमुख ठिकानों कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और लंका सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में कैंप स्थापित किए हैं, जिससे अबूझमाड़ का बड़ा हिस्सा सुरक्षा कवरेज में आ गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में निर्णायक कदम
नवीन कैंप स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारी—
- पी. सुन्दराज, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज
- अमित कांबले (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज
- रोबिनसन गुरिया, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर
- मुकेश कुमार दसमाना, कमांडेंट, आईटीबीपी 44वीं वाहिनी
- तथा आईटीबीपी, डीआरजी, बस्तर फाइटर और 27वीं, 38वीं, 40वीं, 44वीं वाहिनी के जवान
- सभी के समन्वय और नेतृत्व में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है।



