सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : जिले में सामाजिक पुनर्समावेशन और स्थायी शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नारायणपुर जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र में आज “वायान वाटिका” का उद्घाटन किया गया। यह स्थल स्थानीय आदिवासी गोंडी भाषा में “आशा और भविष्य की बगिया” के रूप में जाना जाएगा।
आज के कार्यक्रम में 25 नवंबर को मुख्यधारा में लौटे 28 माओवादी कैडरों ने पौधारोपण किया। इन पौधों को स्थानीय समुदाय के वरिष्ठजनों द्वारा उनके पुनर्समावेशन के प्रतीक के रूप में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में समुदाय के वरिष्ठजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने शांति और विकास के लिए सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा, “आज का पौधारोपण केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए आशा और स्थायी शांति की प्रक्रिया को दर्शाता है जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़ा है।”
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि वायान वाटिका में यह पहल विशेषकर अबुझमाड़ जैसे भीतरी इलाकों में विश्वास-निर्माण प्रक्रियाओं को गति देने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति केवल साझा जिम्मेदारी और सक्रिय समुदाय भागीदारी के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।
इस कार्यक्रम ने “पूना मारगम: पुनर्वास से सामाजिक पुनर्समावेशन” पहल के प्रभाव को और मजबूत किया और बस्तर में स्थायी शांति और समावेशी विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुआ।



