सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : नारायणपुर जिले में नक्सल प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने और क्षेत्र में विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ‘‘माड़ बचाव अभियान’’ के तहत थाना सोनपुर क्षेत्र के ग्राम काकुर में नया सुरक्षा एवं जनसुविधा पुलिस कैंप स्थापित किया गया है।
नारायणपुर पुलिस, डीआरजी एवं बीएसएफ 86वीं बटालियन के संयुक्त प्रयास से स्थापित यह कैंप अब क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और विश्वास का नया आधार बनेगा।
काकुर का जंगल पहले प्रतिबंधित माओवादी संगठन ‘कंपनी-10’ के बड़े नक्सल नेताओं का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन लगातार चल रहे अभियानों और बड़े एनकाउंटर ऑपरेशनों—जिनमें पिछले दो वर्षों में 20 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं—ने इस इलाके में स्थितियां बदल दी हैं। अब यहां सुरक्षा बल तैनात होकर शांति और स्थिरता स्थापित करेंगे।
गाँव काकुर और आसपास के क्षेत्रों नेलगुंडा, ओडेटोला, मीनवाड़ा, तेकमेता, मुस्परसी आदि के लोग अपने गांव के पास पुलिस व प्रशासन की उपस्थिति से बेहद सुरक्षित और उत्साहित महसूस कर रहे हैं। कैंप खुलने से अब सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत सुविधाएँ तेजी से पहुँच सकेंगी।
नारायणपुर पुलिस द्वारा ‘‘नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर’’ के संकल्प को साकार करने के लिए इस वर्ष कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कांदुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका और परियादी जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में भी लगातार नए कैंप स्थापित किए गए हैं।
काकुर में नवीन कैंप की स्थापना आईजी बस्तर रेंज , पी. सुंदराज, डीआईजी कांकेर रेंज , अमित कांबले, एसपी नारायणपुर , रोबिन्सन गुरिया सहित बीएसएफ के कमांडेंट एवं पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई। डीआरजी, बस्तर फाइटर एवं बीएसएफ की 86वीं और 133वीं वाहिनी ने निर्माण और सुरक्षा संचालन में अहम भूमिका निभाई।
यह नया कैंप क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ सोनपुर–गारपा–परियादी–काकुर एक्सिस तक चल रहे सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को भी गति देगा। अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों तक सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का लाभ पहुँचाने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।






