सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर/रायपुर| बस्तर संभाग के सभी जिलों (नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर-जगदलपुर) के डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, RMA और ANM प्रतिनिधियों डॉ हिमांशु सिन्हा, डॉ शुभम् राय , डॉ सुनील कुमार सिंह, डॉ देवेश नागेश एवं डॉ निखिल के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कल शाम रायपुर में संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं एमडी NHM संजीव कुमार झा से मुलाक़ात कर पिछले 11 महीनों से लंबित CRMC (नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि) भुगतान पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान संचालक संजीव कुमार झा ने स्वीकार किया कि 5 दिसंबर से बस्तर संभाग में शुरू हुआ संध्या OPD बहिष्कार स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, और इस कारण राज्य सरकार ने इस मुद्दे को शीर्ष प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बजट अनुमोदन व अन्य प्रक्रियाओं को तेज गति से पूरा किया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आज ही इस विषय पर कई उच्चस्तरीय बैठकें चल रही हैं तथा जिलों में CMHO को आवश्यक दस्तावेज़ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।विशेषकर तब जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कल ही प्रेस वक्तव्य जारी कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इधर डॉक्टरों ने कहा कि:
•संध्या OPD बंद आंदोलन यथावत जारी रहेगा।
•आपातकालीन सेवाएँ और सुबह OPD जनहित में पूर्ववत चलेंगी।
•यदि CRMC भुगतान इस सप्ताह नहीं हुआ तो 15 दिसंबर 2025 से सुबह और शाम दोनों समय की OPD सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा, जो भुगतान होने तक जारी रहेगा।
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि हम जंगलों, पहाड़ी मार्गों और नक्सल जोखिम क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर कार्य करते हैं, नक्सल पोस्टमार्टम जैसे दायित्व भी निभाते हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन के बावजूद भुगतान न होना अत्यंत निराशाजनक है।उन्होंने कहा कि आंदोलन मजबूरी है, सेवा भाव नहीं बदलेगा, और आपातकालीन सेवाएँ हमेशा जारी रहेंगी।बस्तर के सभी डॉक्टर एकजुट हैं और इस सप्ताह ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।



