सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : नारायणपुर एक तरफ आज पूरे छत्तीसगढ़ में कांकेर के धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने के विवाद में बाहर से आए भीम आर्मी के द्वारा स्थानीय ग्रामीणों पर हमले की खबर चल रही है। जिससे वहां के गायता समेत 25 से ज्यादा ग्रामीण घायल हो गए वहीं नारायणपुर जिले में आज अवैध प्रार्थना सभा पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि, विदेशी फंडिंग के माध्यम से मिशनरी और उनके एजेंट पास्टर लोगों ने अबूझमाड़ में पैर पसार रहे हैं|
और भोले भाले अबूझमाड़िया जनजाति एवं आदिवासियों को बरगला कर धर्मांतरित कर रहे हैं। इसलिए पूरे आदिवासी समाज, हलबा समाज, और समस्त रूढ़िवादी समाज से आगे आकर ऐसे लोगों के चंगुल से बाहर निकलने के लिए कहा है। ज्ञात हो कि, कुछ दिनों पहले ही नारायणपुर जिले के एक धर्मांतरित आदिवासी लड़की आरती पिता रतन की मौत हो गई थी|
जिसकी लाश को पास्टर के कहने पर एक अन्य पास्टर के पास चंडीगढ़ लेजाया गया था और जिंदा करने के नाम पर एक सप्ताह के बाद वहां से वापस मृत शव को नारायणपुर लाया गया। जिसे ईसाई समाज के कब्रिस्तान में दफनाने नहीं देने के कारण शव दफनाने के नाम पर आदिवासी समाज को डराने का प्रयास किया गया और जब आदिवासी समाज के विरोध करने तथा पुलिस प्रशासन के बीच आने से ईसाई कब्रिस्तान में दफनाया गया।



