अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर में नए वर्ष 2026 के आगमन को लेकर जहां श्रद्धालु और पर्यटक उत्साह में हैं, वहीं पुलिस प्रशासन के लिए यह समय कड़ी परीक्षा का माना जा रहा है। पिछले वर्ष जनवरी 2025 में नए साल के जश्न के दौरान रतनपुर थाना क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटनाओं की श्रृंखला ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। उन हादसों में करीब 7 से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
अब जबकि नया वर्ष नजदीक है,
रतनपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।
हाल ही में थाना प्रभारी का कार्यभार संभालने वाले निरीक्षक नीलेश पांडे के लिए यह पहला नववर्ष होगा, जिसे उनकी कार्यकुशलता, तत्परता और रणनीतिक क्षमता की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
धार्मिक नगरी, बढ़ती भीड़ और बढ़ती जिम्मेदारी

रतनपुर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है
माँ महामाया सहित अनेक देवी-देवताओं के दर्शन के लिए यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। नए वर्ष के अवसर पर यह भीड़ और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती, लेकिन चुनौतियाँ बरकरार
निरीक्षक नीलेश पांडे के पदभार संभालने के बाद से थाना रतनपुर पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों पर अंकुश, संदिग्ध तत्वों पर निगरानी, गश्त और सघन चेकिंग अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। हाल के दिनों में चाकूबाजी और असामाजिक तत्वों पर की गई कार्रवाइयों से पुलिस की सक्रियता भी सामने आई है। बावजूद इसके, नववर्ष पर बढ़ने वाली भीड़, तेज रफ्तार वाहन, नशे में ड्राइविंग और लापरवाही जैसी संभावित घटनाएं पुलिस के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी सभी की नजरें
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार पुलिस प्रशासन पिछले वर्ष की घटनाओं से सबक लेते हुए ठोस सुरक्षा इंतजाम करेगा। सड़क दुर्घटनाओं पर रोक, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, रातभर गश्त और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे कदम अहम साबित हो सकते हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नया वर्ष 2026 रतनपुर के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण साबित होता है या फिर बीते साल की तरह हादसों की पुनरावृत्ति होती है। श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम नागरिकों की निगाहें इस बार पुलिस प्रशासन की तैयारियों और कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।



