जशपुर। जिले में गौवंश तस्करी और अवैध वध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौकी सोनक्यारी क्षेत्र के ग्राम तालासिली में पुलिस ने गौवंश मांस के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 25 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब ग्राम छूंदरूपाठ निवासी छवि यादव ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 24 दिसंबर की शाम ग्राम तालासिली के कुछ लोग उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के पास पहुंचे थे और एक बछड़े को खरीदने के लिए मोलभाव कर रहे थे। उस समय प्रार्थी ने बछड़ा बेचने से मना किया और खुद खरीदने की बात कही थी।
अगली सुबह खेत की ओर झाड़ियों के पास खून के धब्बे दिखाई देने पर प्रार्थी को संदेह हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी उसी शाम बछड़ा खरीदकर ले गए थे। इस पर आशंका जताई गई कि बछड़े का वध कर उसका मांस बनाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम तालासिली में आरोपियों के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान एक आरोपी के घर से करीब 7 किलो गौवंश मांस बरामद किया गया। पशु चिकित्सक से जांच कराने पर मांस गौवंश का होना पुष्टि हुआ।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में
सरीफ तिग्गा (30 वर्ष), इशाक तिग्गा (50 वर्ष) और धनसाय यादव (32 वर्ष) शामिल हैं। तीनों ग्राम तालासिली, चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना, जिला जशपुर के निवासी हैं। इनके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि एक आरोपी अभी फरार है, जिसे चिन्हित कर लिया गया है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोनक्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव सिंह, आरक्षक नरेंद्र यादव, बाबूलाल भगत और नगर सैनिक शिवशंकर रवि की अहम भूमिका रही।



