अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर।धार्मिक व ऐतिहासिक नगरी रतनपुर की पावन धरती पर, मां महामाया के दिव्य सान्निध्य में सर्व यादव समाज महिला समिति का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के 28 जिलों से सैकड़ों महिला प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नारी शक्ति, सामाजिक एकता और संगठनात्मक मजबूती का सशक्त संदेश दिया।
सम्मेलन का शुभारंभ माता महामाया एवं भगवान श्री राधा–कृष्ण के तेल चित्र पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। वातावरण मंत्रोच्चार और भक्ति भाव से ओतप्रोत रहा। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों का श्रीफल एवं पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।

सम्मेलन में वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वावलंबन, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा संगठन की एकजुटता जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे। महिला प्रतिनिधियों ने एक स्वर में समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने, बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।
प्रदेशभर से आई महिला पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही आगामी समय में महिला समिति की भूमिका को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में समाज की महिलाओं ने यह संदेश दिया कि संगठित नारी शक्ति ही सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की उपस्थिति ने सम्मेलन की भव्यता को और बढ़ा दिया। पूरा आयोजन अनुशासन, सौहार्द और पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुआ।
अंत में आयोजक समिति द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन के समापन पर समाज को सशक्त, संगठित और जागरूक बनाने के संकल्प के साथ आयोजन का समापन हुआ।
यह प्रदेश स्तरीय सम्मेलन न केवल यादव समाज की महिलाओं की एकजुटता का प्रतीक बना, बल्कि रतनपुर की पावन भूमि से नारी शक्ति के उत्थान का एक मजबूत संदेश भी प्रदेशभर में गूंज उठा।



