सुरेश सोनी की रिपोर्ट ;-
नारायणपुर : अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए 77वां गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से यादगार बन गया, जब पुनर्वास केंद्र नारायणपुर में आत्मसमर्पित माओवादियों ने पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया। तिरंगे को सलाम करते हुए उन्होंने राष्ट्रगान गाया और भारत माता के जयकारों से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार पुनर्वास केंद्र में प्रातः 7 बजे अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई द्वारा तिरंगा ध्वज फहराया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पित माओवादियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पूरे हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व में सहभागिता निभाई।
अपर कलेक्टर पंचभाई ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और नई शुरुआत की खुशी स्पष्ट झलक रही है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी है।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने भावुक होकर बताया कि पहले वे गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को “काला दिवस” कहते थे, लेकिन आज जब वे इस पर्व के सहभागी बने, तब उन्हें देश और संविधान का वास्तविक महत्व समझ में आया। उन्होंने कहा कि पहले भ्रम और गलत जानकारी के कारण वे सच्चाई से दूर थे, लेकिन अब सही मार्ग पर चलकर राष्ट्र के साथ जुड़ने की खुशी महसूस कर रहे हैं।



